- यदि आपको आर्थिक समस्या रहती है तो आप प्रात: उठने के साथ ही अपनी जनम तिथि का २१ बार उच्चारण करें | जैसे, यदि आपका जन्म शुक्लपक्ष की पंचमी को हुआ है तो आप "शुक्लपक्ष पंचमी"-"शुक्लपक्ष पंचमी" का नियमित रूप से २१ बार उच्चारण करें | इसी प्रकार सोने के लिए बिस्तर पर जाने पर करें अर्थात दिन में दो बार करें | कुछ ही समय में आपको चमत्कार महसूस होगा| यह कार्य आप जितने अधिक विश्वाश से करेंगे, उतना ही शीघ्र लाभ द्रष्टि गोचर होगा |
- इसी प्रकार जन्म वार के दिन उच्चारण से आयु में वृर्द्धि होती है |
- जन्म नक्षत्र के दिन में दो बार उच्चारण से अनजाने में होने वाली गलतियों से मुक्ति मिलती है |
- दिन में दो बार जन्म योग के उच्चारण से रोग से मुक्ति मिलकर शरीर स्वस्थ रहता है | यह प्रयोग उन लोगो को करना चाहिए जिन पर कोई भी दवा का असर नहीं कर रही हो | या जो काफी समय से अस्वस्थ हैं या स्वस्थ नहीं हो पा रहे थे |
Wednesday, August 10, 2011
आर्थिक समस्या
Sunday, August 7, 2011
वास्तु दोष निवारक महायंत्र
वास्तु दोष निवारक महायंत्र
यदि आप ऐसी हालत में भी नहीं हैं कि पूजा पाठ या मंत्र का जाप कर सकें और आप नकारात्मक वास्तु के कारण बेहद परेशान है
घर दूकान या आफिस को बिना तोड़े फोड़े सुधारना चाहते हैं तो उसका दिव्य उपाय है महायंत्र
वास्तु का तीब्र प्रभावी यन्त्र
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121 177 944
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533 291 311
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657 111 312
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यन्त्र को आप सादे कागज़ भोजपत्र या ताम्बे चाँदी अष्टधातु पर बनवा सकते हैं
यन्त्र के बन जाने पर यन्त्र की प्राण प्रतिष्ठा करनी चाहिए
प्राण प्रतिष्ठा के लिए पुष्प धूप दीप अक्षत आदि ले कर यन्त्र को अर्पित करें
पंचामृत से सनान कराते हुये या छींटे देते हुये 21 बार मंत्र का उच्चारण करें
मंत्र-ॐ आं ह्रीं क्रों कूर्मासनाय नम:
अब पीले रंग या भगवे रंग के वस्त्र में लपेट कर इस यन्त्र को घर दूकान या कार्यालय में स्थापित कर दीजिये
पुष्प माला अवश्य अर्पित करें
इस प्रयोग से एक बार में ही वास्तु दोष हट जाएगा
कूर्म चिन्ह के सरल टोटके
चांदी के गिलास बर्तन या पात्र पर कछुए का चिन्ह बना कर भोजन करने व पानी पीने से भारी से भारी तनाब नष्ट होता है
चार पायी बेड अथवा शयन कक्ष में धातु का कूर्म अर्थात कछुआ रखने से गहरी और सुखद निद्रा आती है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होती है
पूजा के स्थान पर ऐसा श्रीयंत्र स्थापित करें जो कछुए की पीठ पर बना हो इससे घर में सुख शान्ति के साथ साथ धन एवं अच्छे संस्कार आते हैं
रसोई घर में कूर्म की स्थापना करने से वहां पकने वाला
भोजन रोगमुक्ति के गुण लिए भक्त को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है
यदि नया भवन बना रहे हैं तो आधार में चाँदी का कछुआ ड़ाल देने से घर में रहने वाला परिवार खूब फलता-फूलता है
बच्चों को विद्या लाभ व राजकीय लाभ मिले इसके लिए उनसे कूर्म की उपासना करवानी चाहिए तथा मिटटी के कछुए उनके कक्ष में स्थापित करें
यदि आपका घर किसी विवाद में पड़ गया हो या घर का संपत्ति का विवाद कोर्ट कचहरी तक पहुँच गया हो तो लोहे का कूर्म बना कर शनि मंदिर में दान करना चाहिए
घर की छत में कूर्म की स्थापना से शत्रु नाश होता है
राशि अनुसार किस रंग का कूर्म देगा धन लाभ
यदि आप व्यापारी है, नौकरी पेशेवाले है, अपना कोई काम करते हैं और धन लाभ प्राप्त ही नहीं कर पाते,
आपका व्यवसाय नौकरी स्थायी नहीं है धन लाभ हो नहीं पाता या होते होते बंद हो जाता है तो
आपको पूजा स्थान में अपनी राशी के अनुसार धनप्रदा कूर्म की स्थापना करनी चाहिए
आइये राशिबार जानते है धनप्रदा कूर्म के बारे में
मेष राशि के जातकों को धनलाभ के लिए सुनहरे रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 7 का अंक लिख दें
बृष राशि के जातकों को धनलाभ के लिए हरे रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 3 का अंक लिख दें
मिथुन राशि के जातकों को धनलाभ के लिए मटमैले रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 9 का अंक लिख दें
कर्क राशि के जातकों को धनलाभ के लिए आसमानी रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 5 का अंक लिख दें
सिंह राशि के जातकों को धनलाभ के लिए लाल रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 2 का अंक लिख दें
कन्या राशि के जातकों को धनलाभ के लिए भूरे रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 6 का अंक लिख दें
तुला राशि के जातकों को धनलाभ के लिए पीले रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 7 का अंक लिख दें
बृश्चिक राशि के जातकों को धनलाभ के लिए नीले रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 4 का अंक लिख दें
धनु राशि के जातकों को धनलाभ के लिए हरे रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 1 का अंक लिख दें
मकर राशि के जातकों को धनलाभ के लिए जमुनी रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 6 का अंक लिख दें
कुम्भ राशि के जातकों को धनलाभ के लिए काले रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 8 का अंक लिख दें
मीन राशि के जातकों को धनलाभ के लिए सफेद रंग का मिटटी या धातु का कछुया पूजा स्थान पर स्थापित करना चाहिए जिसके नीचे आप 5 का अंक लिख दें
जब करना हो लक्ष्मी को प्रसन्न करें यह उपाय
सभी चाहते हैं कि उनके घर पर लक्ष्मी की कृपा हो जाए। उनके पास जो लक्ष्मी आए वो उन्हें कभी छोड़कर ना जाए और घर हमेशा धनधान्य से पूर्ण हो, यदि आप भी यही चाहते हैं तो नीचे लिखे इन लक्ष्मी प्राप्ति के इन अचूक टोटकों को अपनाकर आप भी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं-
- हर पूर्णिमा को सुबह पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं।
- तुलसी के पौधे पर गुरुवार को पानी में थोड़ा दूध डालकर चढ़ाएं।
- यदि आपको बरगद के पेड़ के नीचे कोई छोटा पौधा उगा हुआ नजर आ जाए तो उसे उखाड़कर अपने घर में लगा दें।
- गूलर की जड़ को कपड़े में बांधकर उसे ताबीज में डालकर बाजू पर बांधे।
- पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े होकर लोहे के पात्र में पानी लेकर उसमें दूध मिलाकर उसे पीपल की जड़ में डालने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और घर में लक्ष्मी का स्थाई निवास होता है।
Saturday, August 6, 2011
धन,सुख-शान्ति वृद्धि --शुभ मोर के पंखों से
. यही मोर का पंख हमारे ज्योतिष-शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र के द्वारा मनुष्य जीवन में कितना भाग्यशाली सिद्ध होता है कि एक मोर का पंख हमारे जीवन कि दिशा बदलने में कितना सहायक है.
जरा ध्यान से इसे नित्य प्रयोग में लाने से असंभव कार्य भी संभव से होने लगते है. निम्न प्रयोगों के द्वारा आप भी शुभ मोर के पंखों से लाभ उठा सकते है.
१ – घर के दक्षिण-पूर्व कोण में लगाने से बरकत बढती है. व अचानक कष्ट नहीं आता है.
२ – यदि मोर का एक पंख किसी मंदिर में श्री राधा-कृष्ण कि मूर्ती के मुकुट में ४० दिन के लिए स्थापित कर प्रतिदिन मक्खन-मिश्री का भोग सांयकाल को लगाए, ४१वें दिन उसी मोर के पंख को मंदिर से दक्षिणा-भोग दे कर घर लाकर अपने खजाने या लाकर्स में स्थापित करें. तो आप स्वयं ही अनुभव करेंगे कि धन,सुख-शान्ति कि वृद्धि हो रही है. सभी रुके कार्य भी इस प्रयोग के कारण बनते जा रहे है.
३ – काल-सर्प के दोष को भी दूर करने की इस मोर के पंख में अद्भुत क्षमता है.काल-सर्प वाले व्यक्ति को अपने तकिये के खौल के अंदर ७ मोर के पंख सोमवार रात्री काल में डालें तथा प्रतिदिन इसी तकिये का प्रयोग करे. और अपने बैड रूम की पश्चिम दीवार पर मोर के पंख का पंखा जिसमे कम से कम ११ मोर के पंख तो हों लगा देने से काल सर्प दोष के कारण आयी बाधा दूर होती है.
४ – बच्चा जिद्दी हो तो इसे छत के पंखे के पंखों पर लगा दे ताकि पंखा चलने पर मोर के पंखो की भी हवा बच्चे को लगे धीरे-धीरे हठ व जिद्द कम होती जायेगी.
५ – जैसे कि पहलें वर्णन किया कि मोर व सर्प में शत्रुता है अर्थात सर्प, शनि तथा राहू के संयोग से बनता है. यदि मोर का पंख घर के पूर्वी और उत्तर-पश्चिम दीवार में या अपनी जेब व डायरी में रखा हो तो राहू का दोष कभी भी नहीं परेशान करता है. तथा घर में सर्प, मच्छर, बिच्छू आदि विषेलें जंतुओं का भय नहीं रहता है.
६ – नवजात बालक के सिर की तरफ दिन-रात एक मोर का पंख चांदी के ताबीज में डाल कर रखने से बालक डरता नहीं है तथा कोई भी नजर दोष और अला-बला से बचा रहता है.
७ – यदि शत्रु अधिक तंग कर रहें हो तो मोर के पंख पर हनुमान जी के मस्तक के सिन्दूर से मंगलवार या शनिवार रात्री में उसका नाम लिख कर अपने घर के मंदिर में रात भर रखें प्रातःकाल उठकर बिना नहाये धोए चलते पानी में भा देने से शत्रु, शत्रुता छोड़ कर मित्रता का व्यवहार करने लगता है.
Friday, August 5, 2011
कारोबारी, पारिवारिक, कानूनी परेशानियों से छुटकारा दिलाने वाला अमोध प्रयोग
आप अपना काम कर रहे हो कठिन परिश्रम के बावजूद भी लोग आपका हक मार देते हैं। अनावश्यक कार्य अवरोध उत्पन्न करते हों। आपकी गलती न होने के बावजूद भी आपको हानि पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा हो तो यह प्रयोग आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिध्द होगा। रात्रि में 10 बजे से 12 बजे के बीज में यह उपाय करना बहुत ही शुभ रहेगा। एक चौकी के ऊपर लाल कपड़ा बिछा कर उसके ऊपर 11 जटा वाले नारियल। प्रत्येक नारियल के ऊपर लाल कपड़ा लपेट कर कलावा बांध दें। इन सभी नारियल को चौकी के ऊपर रख दें। घी का दीपक जला करके धूप-दीप नेवैद्य पुष्प और अक्षत अर्पित कर। नारियल के ऊपर कुमकुम से स्वस्तिक बनाए और उन प्रत्येक स्वस्तिक के ऊपर पांच-पांच लौंग रखें और एक सुपारी रखें। माँ भगवती का ध्यान करें। माँ को प्रार्थना करें कष्टों की मुक्ति के लिए। कम्बल का आसन बिछा कर ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:11 माला करें, तत्पश्चात नारियल सहित समस्त सामग्री को सफेद कपड़े में बांध कर अपने ऊपर से 11 बार वार कर सोने वाले पलंग के नीचे रख दें। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बिना किसी से बात किए यह सामग्री कुएं, तालाब या किसी बहते हुए पानी में प्रवाह कर दें। कानूनी कैसी भी समस्या होगी उससे छुटकारा मिल जाएगा।
* ऋण मुक्ति और धन वापसी के लिये किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के मंगलवार के दिन प्रदोष काल में यह पूजा प्रारंभ करें। किसी भी प्राण प्रतिष्ठित शिव मंदिर में जाकर श्रद्धापूर्वक शिव की उपासना करें। शिव पूजन के उपरांत अपने सामने दो दोने रख दें। एक दोने में यानी बायें हाथ वाले दोनें में 108 बिल्वपत्र पीले चंदन से प्रत्येक बिल्व पत्र में ॐ नम:शिवाय लिखकर रख दें। तत्पश्चात शुद्ध आसन बिछाकर एक बिल्वपत्र अपने दाहिनी हाथ में लें और इस ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नम:। मंत्र का जाप करें। और दाहिने हाथ वाले दोने में बिल्व पत्र को रख दें। ऐसा 108 बार करें। जाप पूरा होने के उपरांत एक पाठ ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का करें। साथ ही सर्वारिष्ट शान्त्यर्थ शनि स्तोत्र का पांच पाठ भी करें। ऐसा नियमित 40 दिन तक पूजा करने से ऋण से छुटकारा मिल जाएगा।
एक घी के दीपक से बदल जाएंगे आपकी कुंडली के ग्रह-नक्षत्र
ज्योतिष में बताए गए नौ ग्रहों में से शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना गया है। इसके साथ ही राहु और केतु भी सामान्यत: अशुभ ग्रह ही माने जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली यह तीनों ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो उसे हमेशा ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन तीनों ग्रहों का आपस में गहरा संबंध है। शनि, राहु और केतु के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं। इन तीनों ग्रह के लिए एक सटीक उपाय बताया गया है। इस एक तीनों ही ग्रहों के दोष दूर हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या राहु-केतु के कालसर्प योग से त्रस्त है तो उसे हर शनिवार की रात किसी पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। इस समय व्यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। इसके साथ ही शनि, राहु, केतु और अपने इष्टदेव से प्रार्थना करें। इस उपाय से कुछ ही दिनों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे। शनि, राहु या केतु की वजह से यदि किसी व्यक्ति के जीवन में धन संबंधी या अन्य कोई परेशानियां हो तो वे दूर हो जाएंगी। रुके हुए कार्य पूर्ण हो जाएंगे।
मोर पंख का प्रयोग
पक्षी शास्त्र में महत्त्व
जैसे उल्लूक तन्त्रं के ग्रन्थ में उल्लुओं का.....काक तन्त्रं नाम के ग्रन्थ में कौवे का महत्त्व दिया गया है उसी प्रकार देववाहिनी तन्त्रं में मोर....मोनाल और जुजुराना जैसे पक्षियों के पंखों का विवरण दिया गया है.....
बिभिन्न लाभ
वशीकरण...कार्यसिद्धि....भूत बाधा....रोग मुक्ति.....ग्रह वाधा....वास्तुदोष निग्रह आदि में बहुत ही महत्पूरण माना गया हैं...
सर पर धारण करने से विद्या लाभ मिलता है या सरस्वती माता के उपासक और विद्यार्थी पुस्तकों के मध्य अभिमंत्रित मोर पंख रख कर लाभ उठा सकते हैं.....मंत्र सिद्धि के लिए जपने वाली माला को मोर पंखों के बीच रखा जाता हैं....घर में अलग अलग स्थान पर मोर पंख रखने से घर का वास्तु बदला जा सकता है...नव ग्रहों की दशा से बचने के लिए भी होता है मोर पंख का प्रयोग......कक्ष में मोर पंख वातावरण को सकारात्मक बनाने में लाभदायक होता है......भूत प्रेत कि बाधा दूर होती है.....
ग्रह बाधा से मुक्ति
यदि आप पर कोई ग्रह अनिष्ट प्रभाव ले कर आया हो....आपको मंगल शनि या राहु केतु बार बार परेशान करते हों तो मोर पंख को 21 बार मंत्र सहित पानी के छीटे दीजिये और घर में वाहन में गद्दी पर स्थापित कीजिये...कुछ प्रयोग निम्न हैं
सूर्य की दशा से मुक्ति
रविवार के दिन नौ मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे रक्तबर्ण मेरून रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ नौ सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ सूर्याय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
दो नारियल सूर्य भगवान् को अर्पित करें
लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाएं
चंद्रमा की दशा से मुक्ति
सोमवार के दिन आठ मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे सफेद रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ आठ सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ सोमाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
पांच पान के पत्ते चंद्रमा को अर्पित करें
बर्फी का प्रसाद चढ़ाएं
सोमवार के दिन आठ मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे सफेद रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ आठ सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ सोमाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
पांच पान के पत्ते चंद्रमा को अर्पित करें
बर्फी का प्रसाद चढ़ाएं
मंगल की दशा से मुक्ति
मंगलवार के दिन सात मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे लाल रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ सात सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ भू पुत्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
दो पीपल के पत्तों पर अक्षत रख कर मंगल ग्रह को अर्पित करें
बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं
बुद्ध की दशा से मुक्ति
बुद्धबार के दिन छ: मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे हरे रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ छ: सुपारियाँ रखे
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ बुधाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
जामुन अथवा बेरिया बुद्ध ग्रह को अर्पित करें
केले के पत्ते पर मीठी रोटी का प्रसाद चढ़ाएं
बुद्धबार के दिन छ: मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे हरे रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ छ: सुपारियाँ रखे
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ बुधाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
जामुन अथवा बेरिया बुद्ध ग्रह को अर्पित करें
केले के पत्ते पर मीठी रोटी का प्रसाद चढ़ाएं
बृहस्पति की दशा से मुक्ति
बीरवार के दिन पांच मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे पीले रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ पांच सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ ब्रहस्पते नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
ग्यारह केले बृहस्पति देवता को अर्पित करें
बेसन का प्रसाद बना कर चढ़ाएं
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शुक्र की दशा से मुक्ति
शुक्रवार के दिन चार मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे गुलाबी रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ चार सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ शुक्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
तीन मीठे पान शुक्र देवता को अर्पित करें
गुड चने का प्रसाद बना कर चढ़ाएं
शुक्रवार के दिन चार मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे गुलाबी रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ चार सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ शुक्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
तीन मीठे पान शुक्र देवता को अर्पित करें
गुड चने का प्रसाद बना कर चढ़ाएं
शनि की दशा से मुक्ति
शनिवार के दिन तीन मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे काले रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ तीन सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ शनैश्वराय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
तीन मिटटी के दिये तेल सहित शनि देवता को अर्पित करें
गुलाबजामुन या प्रसाद बना कर चढ़ाएं
राहु की दशा से मुक्ति
शनिवार के दिन सूर्य उदय से पूर्व दो मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे भूरे रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ दो सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ राहवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
चौमुखा दिया जला कर राहु को अर्पित करें
कोई भी मीठा प्रसाद बना कर चढ़ाएं
शनिवार के दिन सूर्य उदय से पूर्व दो मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे भूरे रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंखों के साथ दो सुपारियाँ रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ राहवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
चौमुखा दिया जला कर राहु को अर्पित करें
कोई भी मीठा प्रसाद बना कर चढ़ाएं
केतु की दशा से मुक्ति
शनिवार के दिन सूर्य अस्त होने के बाद एक मोर पंख ले कर आयें
पंख के नीचे स्लेटी रंग का धागा बाँध लेँ
एक थाली में पंख के साथ एक सुपारी रखें
गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार ये मंत्र पढ़ें
ॐ केतवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
पानी के दो कलश भर कर राहु को अर्पित करें
फलों का प्रसाद चढ़ाएं
वास्तु में सुधार
घर का द्वार यदि वास्तु के विरुद्ध हो तो द्वार पर तीन मोर पंख स्थापित करें , मंत्र से अभिमंत्रित कर पंख के नीचे गणपति भगवान का चित्र या छोटी प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए
मंत्र है-ॐ द्वारपालाय नम: जाग्रय स्थापय स्वाहा:
यदि पूजा का स्थान वास्तु के विपरीत है तो पूजा स्थान को इच्छानुसार मोर पंखों से सजाएँ, सभी मोर पंखो को कुमकुम का तिलक करें व शिवलिं की स्थापना करें पूजा घर का दोष मिट जाएगा, प्रस्तुत मंत्र से मोर पंखों को अभी मंत्रित करें
मंत्र है-ॐ कूर्म पुरुषाय नम: जाग्रय स्थापय स्वाहा:
यदि रसोईघर वास्तु के अनुसार न बना हो तो दो मोर पंख रसोईघर में स्थापित करें, ध्यान रखें की भोजन बनाने वाले स्थान से दूर हो, दोनों पंखों के नीचे मौली बाँध लेँ, और गंगाजल से अभिमंत्रित करें
मंत्र-ॐ अन्नपूर्णाय नम: जाग्रय स्थापय स्वाहा:
और यदि शयन कक्ष वास्तु अनुसार न हो तो शैय्या के सात मोर पंखों के गुच्छे स्थापित करें, मौली के साथ कौड़ियाँ बाँध कर पंखों के मध्य भाग में सजाएं, सिराहने की और ही स्थापित करें, स्थापना का मंत्र है
मंत्र-ॐ स्वप्नेश्वरी देव्यै नम: जाग्रय स्थापय स्वाहा:
नीम की लकड़ी गणेश
हिंदू संस्कृति में जब भी कोई शुभ कार्य प्रारंभ किया जाता है सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन अवश्य होता है। इसीलिए भगवान गणेश को प्रथम पूज्य कहा गया है। ये सभी बाधाओं का निवारण करने वाले तथा अपने भक्तों को सभी सुख प्रदान करने वाले हैं। भगवान गणेश के कई रूप विशेष फलदाई माने गए हैं। नीम की लकड़ी से निर्मित भगवान गणेश की मूर्ति का पूजन करने बिगड़े काम भी बन जाते हैं।
- भगवान गणेश की नीम की लकड़ी से बनी मूर्ति को यदि घर में स्थापित कर लिया जाए तो सोने पर सुहागा जैसी बात है। नीम जहां आपके घर के वातावरण की शुद्ध एवं सात्विक बनाता है।
- रोज इस प्रतिमा की धूप- दीप व पूजा करने से भगवान गणपति प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस प्रतिमा के स्थापित होने पर आपके घर में कोई संकट, कोई परेशानी नहीं आ सकती।
- नीम की लकड़ी से निर्मित प्रतिमा घर में स्थापित कर रोजाना धूप- दीप व पूजन करने से कितना ही बड़ा शत्रु हो वह भी शत्रुता की भावना को छोड़कर पीछे हट जाएगा।
- नीम की लकड़ी को घर में स्थापित करने से घर में धनधान्य में वृद्धि होती है। गृह क्लेश के साथ ही शत्रुओं का नाश होता हैं और विपत्तियों का नाश होता है।
Wednesday, June 8, 2011
सरकार की दमन की ताक़त
नमस्कार मित्रों , बाबा रामदेव अध्याय जितनी तेजी से शुरू हुआ उस से दुगनी तेजी से इस सरकार ने उसका दमन कर दिखा दिया की सरकार अपनी मनमर्जी की मालिक है ! यदि इस सरकार के खिलाफ कोई भी आवाज़ उठाएगा तो उसका सर इसी तरह से कुचला जाएगा ! हालांकि मैंने अपने पिछले लेख में बाबा के अनशन को लेकर हुए सरकार से गुप्त समझौते की शंका इस अनशन के शुरू होने से पहले ही कर दी थी और बाद में सरकार ने बाबा का समझौते वाला पत्र भी दिखा दिया था ! खैर बाबा ने जो समझौता किया वो एक अलग बात है की सरकार ने शायद उन पर दवाब डाल कर वो पत्र लिखवाया नहीं तो बाबा शायद होटल से ही गिरफ्तार हो जाते ! पर सब समझौता होने के बाद भी सरकार को ऐसी क्या जल्दी पढ़ी थी की आधी रात में सोते हुए निर्दोष लोगों के ऊपर लाठी और अश्रु गैस का प्रहार करना पढ़ा ! बाद में इस सरकार ने अपना किया पाप छुपाने के लिए न जाने कितने बहाने बनाये ! यहाँ तक की जब सुप्रीम कोर्ट ने खुद मामले का संज्ञान लिया तो दिल्ली पुलिस ने उन कैमरों को भी जब्त कर लिया जिनमे उनकी दरिंदगी दिखाई दे जाती !
रामलीला मैदान में हुए इस काण्ड की सूंघ तो तभी से आने लगी थी जब से दिग्विजय सिंह सरीखे पार्टी के महासचिव ने बाबा को खुलेआम धमकी देने वाले अंदाज़ में कहा था की बाबा सरकार की ताक़त नहीं जानते ! सरकार बाबा को जब चाहे जेल में डाल सकती है ! यानी अब इस देश में यदि सरकार का विरोध करना हो और वो भी अहिंसक तरीके से तो आधी रात को सरकार का तांडव देखने को तैयार रहना चाहिए ! आधी रात एक लाख लोगो पर दमन चक्र चला कर ये सरकार इतनी उत्साहित हो गयी की अगले दिन ही अन्ना पर भी ये सरकार आक्रामक हो गयी और कपिल सिब्बल ने बयान दे डाला की अन्ना की टीम चाहे आये न आये वो अपना लोकपाल बिल बना लेंगे ! ये शायद भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है की जिनको जनता की सेवा में होना चाहिए वो आज जनता की आवाज़ कुचल कर किसी तरह बस अपनी मनमर्जी करना चाहते हैं !
सरकार के सभी नेता ये बयान देते दिख रहे हैं की बाबा राजनीति न करें यानी की यदि सरकार के विरोध में यदि कोई अनशन करेगा कोई आवाज़ उठाएगा तो वो राजनीति कर रहा है ! कांग्रेस के नेताओं ने ये बयान भी दिए की अन्ना और बाबा का अनशन का तरीका गलत है यानी अब सरकार आपको बताएगी की आप उसका विरोध कैसे करें !अगर ये अहिंसक अनशन और विरोध गलत है तो सही क्या है ? क्या नक्सली रास्ते या फिर अलगाव वादी गुट ! सरकार को चाहिए की वो एक अध्यादेश लाकर विरोध के तरीके भी संविधान में लिखवा दे जिससे आगे से बाबा और अन्ना जैसे लोग कानून के हिसाब से ही विरोध करें ! सरकार का दूसरा आरोप है की इन सब आन्दोलन के पीछे संघ और भाजपा का हाथ है ! चलिए मान लिया की है तो यदि कोई पार्टी या संघ अगर कालेधन को वापिस लाने के लिए किसी आन्दोलन में शामिल है तो ये भी अपराध है क्या ?
अब सरकार को इतने सालों बाद याद आया की आचार्य बालकृष्ण नेपाली गुंडा है और फर्जी तरीके से भारत में रह रहा है ! बाबा की कम्पनियां गलत तरीके से पैसे का लेनदेन करती हैं इसकी जांच भी शुरू की गयी ! यानी सरकार अपने विरोध के बाद जागी की इससे पहले कोई सरकार पर ऊँगली उठाये सरकार उसी पर हाथ उठा दे ! यानी सरकार जो मर्जी करे आप चुप रहें नहीं तो अंजाम में रामलीला मैदान जैसे कई काण्ड हो सकते हैं ! लेकिन सरकार शायद भूल रही है की जनता को सिर्फ थोड़े समय के लिए दबाया या कुचला जा सकता है लेकिन जब आम जनता का गुस्सा फूट जाता है तो बड़े से बड़े शासक को घुटनों के बल आना पड़ता है ! सरकार यदि जनता का सम्मान करेगी तो जनता उसका साथ देगी वर्ना विश्व में बहुत क्रान्ति हो चुकी हैं कहीं अगला नम्बर हमारे देश का ही न हो !
रामलीला मैदान में हुए इस काण्ड की सूंघ तो तभी से आने लगी थी जब से दिग्विजय सिंह सरीखे पार्टी के महासचिव ने बाबा को खुलेआम धमकी देने वाले अंदाज़ में कहा था की बाबा सरकार की ताक़त नहीं जानते ! सरकार बाबा को जब चाहे जेल में डाल सकती है ! यानी अब इस देश में यदि सरकार का विरोध करना हो और वो भी अहिंसक तरीके से तो आधी रात को सरकार का तांडव देखने को तैयार रहना चाहिए ! आधी रात एक लाख लोगो पर दमन चक्र चला कर ये सरकार इतनी उत्साहित हो गयी की अगले दिन ही अन्ना पर भी ये सरकार आक्रामक हो गयी और कपिल सिब्बल ने बयान दे डाला की अन्ना की टीम चाहे आये न आये वो अपना लोकपाल बिल बना लेंगे ! ये शायद भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है की जिनको जनता की सेवा में होना चाहिए वो आज जनता की आवाज़ कुचल कर किसी तरह बस अपनी मनमर्जी करना चाहते हैं !
सरकार के सभी नेता ये बयान देते दिख रहे हैं की बाबा राजनीति न करें यानी की यदि सरकार के विरोध में यदि कोई अनशन करेगा कोई आवाज़ उठाएगा तो वो राजनीति कर रहा है ! कांग्रेस के नेताओं ने ये बयान भी दिए की अन्ना और बाबा का अनशन का तरीका गलत है यानी अब सरकार आपको बताएगी की आप उसका विरोध कैसे करें !अगर ये अहिंसक अनशन और विरोध गलत है तो सही क्या है ? क्या नक्सली रास्ते या फिर अलगाव वादी गुट ! सरकार को चाहिए की वो एक अध्यादेश लाकर विरोध के तरीके भी संविधान में लिखवा दे जिससे आगे से बाबा और अन्ना जैसे लोग कानून के हिसाब से ही विरोध करें ! सरकार का दूसरा आरोप है की इन सब आन्दोलन के पीछे संघ और भाजपा का हाथ है ! चलिए मान लिया की है तो यदि कोई पार्टी या संघ अगर कालेधन को वापिस लाने के लिए किसी आन्दोलन में शामिल है तो ये भी अपराध है क्या ?
अब सरकार को इतने सालों बाद याद आया की आचार्य बालकृष्ण नेपाली गुंडा है और फर्जी तरीके से भारत में रह रहा है ! बाबा की कम्पनियां गलत तरीके से पैसे का लेनदेन करती हैं इसकी जांच भी शुरू की गयी ! यानी सरकार अपने विरोध के बाद जागी की इससे पहले कोई सरकार पर ऊँगली उठाये सरकार उसी पर हाथ उठा दे ! यानी सरकार जो मर्जी करे आप चुप रहें नहीं तो अंजाम में रामलीला मैदान जैसे कई काण्ड हो सकते हैं ! लेकिन सरकार शायद भूल रही है की जनता को सिर्फ थोड़े समय के लिए दबाया या कुचला जा सकता है लेकिन जब आम जनता का गुस्सा फूट जाता है तो बड़े से बड़े शासक को घुटनों के बल आना पड़ता है ! सरकार यदि जनता का सम्मान करेगी तो जनता उसका साथ देगी वर्ना विश्व में बहुत क्रान्ति हो चुकी हैं कहीं अगला नम्बर हमारे देश का ही न हो !
Friday, June 3, 2011
बाबा रामदेव का तमाशा
नमस्कार मित्रों , एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा गरम है ! इस बार रामदेव ने बिगुल फूंका है ! काले धन को लेकर यूँ तो उनकी मुहीम काफी दिन से चल रही थी लेकिन अन्ना के आन्दोलन के बाद शायद उनको लगा की वो बेक फुट आ गए हैं सो उन्होने भी अनशन का रास्ता पकड़ लिया ! कल तक बाबा सिंहनाद करते घूम रहे थे की वो आर पार की लडाई लड़ने जा रहे हैं लेकिन मेरे इस लेख को लिखते समय तक समाचार था की बाबा किसी होटल में सरकार के मंत्रियों के साथ गुप्त वार्ता के लिए रवाना हो चुके हैं ! बाबा की बातों से लगता है की वो अभी तक निश्चय नहीं कर पाए हैं की सरकार का विरोध करना है या नहीं ! कल तक बाबा रामदेव का दावा था की वो काले धन जमा करने वालों की फेहरिस्त जल्द ही जनता के सामने रख देंगे पर शायद यहाँ भी लोकतंत्र की बीमारी का झूठा वादा नाम का कीड़ा था क्यूंकि वो लिस्ट के बारे में अब बाबा कोई बात तक करने को तैयार नहीं हैं ! कल तक सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने की बात करने वाले बाबा आज सरकार को धन्यवाद देते दिखाई दे रहे हैं ! आखिर क्या हुआ उन सब बातों का जो बाबा अन्ना की तरह हुंकारें भरते हुए कर रहे थे ! अब लगता है शायद बाबा अपने लिए एक राजनेतिक मंच तलाश कर रहे हैं या फिर उस मंच को मजबूत करने की कोशिश में हैं !
मैं बाबा के आन्दोलन का विरोधी नहीं बल्कि आम जनता के तरह कट्टर समर्थक हूँ ! लेकिन जब से अन्ना हजारे का अनशन समाप्त हुआ और वो सरकारी गाडी में घूमते दिखाई दिए तभी से इन आन्दोलनों के प्रति दिल में एक शक सा हो गया है ! कहीं बाबा भी तो अन्ना की तरह सरकारी मेहमान न बन जाए ! अभी अन्ना का भी बयान आया की सरकार बाबा को धोखा दे रही है और बाबा को उनकी बातों में नहीं आना चाहिए तो अन्ना जी जब आपको पता चल गया की सरकार धोखा दे रही है तो आप क्यों नहीं कमिटी से अलग होके दोबारा आन्दोलन शुरू नहीं करते ! सरकार की नियत अगर साफ़ नहीं तो क्यों नहीं जनता का साथ लेकर सरकार का विरोध शुरू करते और जब तक बिल पास नहीं होता तब तक आन्दोलन वापिस न लेने की कसम खाए ! जब दिग्विजय सिंह बाबा को जेल तक में डाल देने की धमकी दे रहे हों तो इस सरकार की नियत क्या है अगर अब भी अन्ना और बाबा को समझ नहीं आया तो इसके सिर्फ दो हे मतलब है की या तो ये दोनों बहुत नादान हैं या फिर लोकतंत्र की चाल सीख कर अब मंझे हुए खिलाडी बनकर सत्ता की ताक़त में हिस्सेदारी चाहते है
यही हमारे लोकतंत्र की बीमारी है सत्ता और ताक़त जिसे मिली वही सरकार का पिछलग्गू बन गया ! और आप सब लोग देखना अब बाबा रामदेव भी सरकार से अंदरखाते समझौता करके बैठ जायेंगे ! और रही बात उनके अनशन की तो वो सिर्फ सांकेतिक ही होगा और बाद में बाबा रामदेव का बयान आएगा की सरकार ने कहा है की वो उनकी मांगो पर ध्यान दे रही है और जल्द से जल्द कार्यवाही करेगी ! तो देखिये इंडिया गेट पे हुए तमाशे के बाद रामलीला मैदान का तमाशा और कोसते रहिये घर में बैठ के इस घटिया लोकतंत्र की चालें सीखिए !
मैं बाबा के आन्दोलन का विरोधी नहीं बल्कि आम जनता के तरह कट्टर समर्थक हूँ ! लेकिन जब से अन्ना हजारे का अनशन समाप्त हुआ और वो सरकारी गाडी में घूमते दिखाई दिए तभी से इन आन्दोलनों के प्रति दिल में एक शक सा हो गया है ! कहीं बाबा भी तो अन्ना की तरह सरकारी मेहमान न बन जाए ! अभी अन्ना का भी बयान आया की सरकार बाबा को धोखा दे रही है और बाबा को उनकी बातों में नहीं आना चाहिए तो अन्ना जी जब आपको पता चल गया की सरकार धोखा दे रही है तो आप क्यों नहीं कमिटी से अलग होके दोबारा आन्दोलन शुरू नहीं करते ! सरकार की नियत अगर साफ़ नहीं तो क्यों नहीं जनता का साथ लेकर सरकार का विरोध शुरू करते और जब तक बिल पास नहीं होता तब तक आन्दोलन वापिस न लेने की कसम खाए ! जब दिग्विजय सिंह बाबा को जेल तक में डाल देने की धमकी दे रहे हों तो इस सरकार की नियत क्या है अगर अब भी अन्ना और बाबा को समझ नहीं आया तो इसके सिर्फ दो हे मतलब है की या तो ये दोनों बहुत नादान हैं या फिर लोकतंत्र की चाल सीख कर अब मंझे हुए खिलाडी बनकर सत्ता की ताक़त में हिस्सेदारी चाहते है
यही हमारे लोकतंत्र की बीमारी है सत्ता और ताक़त जिसे मिली वही सरकार का पिछलग्गू बन गया ! और आप सब लोग देखना अब बाबा रामदेव भी सरकार से अंदरखाते समझौता करके बैठ जायेंगे ! और रही बात उनके अनशन की तो वो सिर्फ सांकेतिक ही होगा और बाद में बाबा रामदेव का बयान आएगा की सरकार ने कहा है की वो उनकी मांगो पर ध्यान दे रही है और जल्द से जल्द कार्यवाही करेगी ! तो देखिये इंडिया गेट पे हुए तमाशे के बाद रामलीला मैदान का तमाशा और कोसते रहिये घर में बैठ के इस घटिया लोकतंत्र की चालें सीखिए !
Sunday, April 17, 2011
जवाब दो अन्ना हजारे
नमस्कार दोस्तों ... अन्ना हजारे का जादू पूरे जोर से चल रहा है ! सभी टीवी चेनल हजारे की तुलना गांधी से करने में लगे हैं ! और शायद अन्ना को भी अब ये लगने लगा है की सत्ता के मालिको का रिमोट अब उनके हाथ में आ गया है ! वास्तव में अन्ना का आन्दोलन जिस तरह शुरू हुआ और जितनी तेजी से इसने लोगों का समर्थन हासिल किया वो किसी जादू से कम नहीं था ! अब आमरण अनशन पर बैठने वाले अन्ना सरकार की गाडी में घूमते दिखाई दे रहे हैं ! अन्ना का अनशन रंग लाया , जन आन्दोलन को देख सरकार भी डर गयी ! बस सरकार के झुकते ही अन्ना ने भी अनशन तोड़ दिया ! अन्ना को बधाई देने वालो का तांता लग गया ! मुझे और मेरे जैसे कई लोगो को लगा की अब शायद भ्रष्टाचार पर पूरा अंकुश लगेगा !
लेकिन सबसे ज्यादा हैरत तब हुई जब अन्ना खुद कमिटी के सदस्य बन गए और शान्ति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण को भी कमिटी में शामिल कर लिया ! कहीं अन्ना का मुख्या उद्देश्य यही तो नहीं था ? लगभग ७६ साल के अन्ना को ४२ साल पुराने लोकपाल बिल की याद एकदम क्यों आ गयी ? और कल तक नेताओं को पानी पी पी कर कोसने वाले अन्ना की टीम में पूर्व मंत्री शांति भूषण औरकल तक राजनीति में रहने वाले स्वामी अग्निवेश का क्या काम ? क्यों नहीं अन्ना के आन्दोलन में कन्धा मिलाने वाली किरण बेदी को शामिल किया गया ? सिर्फ किरण बेदी के एक बार मना करने भर से ही उनकी भूमिका को ख़त्म कर दिया गया ? शांति भूषण के पक्ष में तर्क ये दिया गया की वो क़ानून के जानकार हैं तो क्या बाकी हिन्दुस्तान में कानून के जानकारों की कमी है ? प्रशांत भूषण साहब ने अपनी जो करोडो की संपत्ति की घोषणा की है उसका स्रोत क्या है ? चलिए मान लेते है की जो तीन सौ करोड़ रूपये जो भूषण साहब ने कमाए वो उनकी कानूनी पेशे से आये लेकिन सवाल ये उठता है आज भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना के साथ खड़े होने वाले भूषण साहब ने ऐसे कौन से लोगो का केस इमानदारी से लड़ा की इतनी मोटी फीस उन्हें दी गयी ? और पूरे हिंदुस्तान में सिर्फ ये पिता और पुत्र ही अन्ना को नज़र आये जो कानून की जानकारी रखते हैं और सबसे ज्यादा इमानदार हैं ? क्यों बाबा रामदेव के बयान से शांति भूषण तिलमिला गए जब बाबा रामदेव ने कहा की एक हे परिवार के दो लोग कमिटी में क्यों शामिल है तो तिलमिलाए हुए भूषण साहब का जवाब आया की वहाँ योग नहीं करना ! तो माननीय भूषण जी बताये न की अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल को जब कानून की न इतनी जानकारी है और न ही अनुभव तो उन दो लोगों का भी वहाँ क्या काम है ?
अभी शांति भूषण जी पर कथित सी ड़ी को लेकर आरोप लग रहे हैं लेकिन अन्ना साहब का कहना है की ये फर्जी है और भूषण को बदनाम करने की चाल है ! कमाल की बात है किसी नेता का नाम अन्ना ले देते हैं और बिना सबूत उसे चोर ठहरा देते है पर जब कोई बात सबूतों के साथ आ रही है चाहे वो किसी की साजिश ही हो तो अन्ना साहब ने एकदम शांति भूषण को चरित्र प्रमाण पत्र दे दिया ! ऐसा कौन सा यंत्र हाथ लग गया अन्ना हजारे के की जिसे वो बोलेंगे बेदाग़ है तो बेदाग़ है और जिसे अन्ना ने चोर कह दिया वो चोर है ! यानी जिसे अपने चरित्र का कोई प्रमाण पत्र लेना हो तो पहले अन्ना साहब हजारे से अनापत्ति पत्र जरूर ले ले ! अगर अन्ना कमिटी में शामिल हुए बिना ही इस लडाई को आगे ले जाते तो शायद उनकी छवि पर सवाल न उठाये जाते लेकिन जिस तरह से बातें और सवाल सामने आ रहे है उनका उत्तर मिलना ही चाहिए !
दोस्तों आन्दोलन का समर्थक में भी हूँ पर सवाल ये खड़ा होता है की कहीं इस आन्दोलन की आड़ में सिर्फ अपने हिस्से की ताक़त वाली कुर्सी पा लेने तक का खेल तो नहीं है मैं जानता हूँ की मेरे इस लेख को पड़ने के बाद मुझे कई तीरों का सामना करना पड़ेगा पर पेशे से पत्रकार होने के नाते किसी भी बात की गहराई तक सोचने की आदत सी है मुझे ! चलिए अगले लेख में आपसे फिर मुलाक़ात होगी नमस्कार
लेकिन सबसे ज्यादा हैरत तब हुई जब अन्ना खुद कमिटी के सदस्य बन गए और शान्ति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण को भी कमिटी में शामिल कर लिया ! कहीं अन्ना का मुख्या उद्देश्य यही तो नहीं था ? लगभग ७६ साल के अन्ना को ४२ साल पुराने लोकपाल बिल की याद एकदम क्यों आ गयी ? और कल तक नेताओं को पानी पी पी कर कोसने वाले अन्ना की टीम में पूर्व मंत्री शांति भूषण औरकल तक राजनीति में रहने वाले स्वामी अग्निवेश का क्या काम ? क्यों नहीं अन्ना के आन्दोलन में कन्धा मिलाने वाली किरण बेदी को शामिल किया गया ? सिर्फ किरण बेदी के एक बार मना करने भर से ही उनकी भूमिका को ख़त्म कर दिया गया ? शांति भूषण के पक्ष में तर्क ये दिया गया की वो क़ानून के जानकार हैं तो क्या बाकी हिन्दुस्तान में कानून के जानकारों की कमी है ? प्रशांत भूषण साहब ने अपनी जो करोडो की संपत्ति की घोषणा की है उसका स्रोत क्या है ? चलिए मान लेते है की जो तीन सौ करोड़ रूपये जो भूषण साहब ने कमाए वो उनकी कानूनी पेशे से आये लेकिन सवाल ये उठता है आज भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना के साथ खड़े होने वाले भूषण साहब ने ऐसे कौन से लोगो का केस इमानदारी से लड़ा की इतनी मोटी फीस उन्हें दी गयी ? और पूरे हिंदुस्तान में सिर्फ ये पिता और पुत्र ही अन्ना को नज़र आये जो कानून की जानकारी रखते हैं और सबसे ज्यादा इमानदार हैं ? क्यों बाबा रामदेव के बयान से शांति भूषण तिलमिला गए जब बाबा रामदेव ने कहा की एक हे परिवार के दो लोग कमिटी में क्यों शामिल है तो तिलमिलाए हुए भूषण साहब का जवाब आया की वहाँ योग नहीं करना ! तो माननीय भूषण जी बताये न की अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल को जब कानून की न इतनी जानकारी है और न ही अनुभव तो उन दो लोगों का भी वहाँ क्या काम है ?
अभी शांति भूषण जी पर कथित सी ड़ी को लेकर आरोप लग रहे हैं लेकिन अन्ना साहब का कहना है की ये फर्जी है और भूषण को बदनाम करने की चाल है ! कमाल की बात है किसी नेता का नाम अन्ना ले देते हैं और बिना सबूत उसे चोर ठहरा देते है पर जब कोई बात सबूतों के साथ आ रही है चाहे वो किसी की साजिश ही हो तो अन्ना साहब ने एकदम शांति भूषण को चरित्र प्रमाण पत्र दे दिया ! ऐसा कौन सा यंत्र हाथ लग गया अन्ना हजारे के की जिसे वो बोलेंगे बेदाग़ है तो बेदाग़ है और जिसे अन्ना ने चोर कह दिया वो चोर है ! यानी जिसे अपने चरित्र का कोई प्रमाण पत्र लेना हो तो पहले अन्ना साहब हजारे से अनापत्ति पत्र जरूर ले ले ! अगर अन्ना कमिटी में शामिल हुए बिना ही इस लडाई को आगे ले जाते तो शायद उनकी छवि पर सवाल न उठाये जाते लेकिन जिस तरह से बातें और सवाल सामने आ रहे है उनका उत्तर मिलना ही चाहिए !
दोस्तों आन्दोलन का समर्थक में भी हूँ पर सवाल ये खड़ा होता है की कहीं इस आन्दोलन की आड़ में सिर्फ अपने हिस्से की ताक़त वाली कुर्सी पा लेने तक का खेल तो नहीं है मैं जानता हूँ की मेरे इस लेख को पड़ने के बाद मुझे कई तीरों का सामना करना पड़ेगा पर पेशे से पत्रकार होने के नाते किसी भी बात की गहराई तक सोचने की आदत सी है मुझे ! चलिए अगले लेख में आपसे फिर मुलाक़ात होगी नमस्कार
Sunday, April 3, 2011
निफ्टी
नमस्कार मित्रों पिछले काफी समय से मैं बहुत व्यस्त रहा पर आप लोगों का सन्देश लगतार पड़ता रहा था ! खैर इस बार कुछ मित्रों के सन्देश मिले थे की कृपया शेयर मार्केट के बारे में भी बताएं ! मित्रो निफ्टी का स्तर बहुत अहम् है इस समय ! यहाँ से बाज़ार थोडा निचे गोता लगा सकता है ! 5840 -5820 के स्तर पर बराबर निगाह रखें इस स्तर को यदि निफ्टी ने सोमवार को तोड़ दिया तो अगला पड़ाव निश्चित रूप से 5773 का होगा! यदि ज्योतिष की बात करें तो अब निफ्टी राहू की पूरी गिरफ्त में है और बाज़ार में भारी उठा पटक देखने को मिलेगी ! सभी निवेशकों को सलाह यही दी जाती है की अपना मुनाफा वसूल कर बाज़ार से थोड़े समय के लिए दूरी बना के रखें ! हाँ यदि किसी शेयर में निवेश की इच्छा हो तो MTNL इस स्तर से एक महीने में लगभग 15 से 20 प्रतिशत का फायदा सिर्फ १ से २ महीने में दे सकता है शुक्रवार को भारी उठापटक के बावजूद mtnl ४८ के स्तर पर बना रहा ! अब इसके 54 / 56 तक जाने की संभावना बन गयी है सो आप इसमें निवेश कर सकते हैं !
ये था बाज़ार का सार अब से रोज शाम को आपको बाज़ार के बारे में इस ब्लॉग पर लेख पढ़ने को मिलेगा मेरा प्रयास यही रहेगा की आपको किसी भी तरह लाभ होना चाहिए .धन्यवाद
ये था बाज़ार का सार अब से रोज शाम को आपको बाज़ार के बारे में इस ब्लॉग पर लेख पढ़ने को मिलेगा मेरा प्रयास यही रहेगा की आपको किसी भी तरह लाभ होना चाहिए .धन्यवाद
Sunday, January 30, 2011
भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनता का शंखनाद
नमस्कार मित्रों मिस्र मैं हिंसा जारी है भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनता का शंखनाद है ! सेना मिस्र में बहुत प्रयास कर रही है परन्तु जनता जब अपने पर आती है तो कोई शासक कोई राजा जनता को काबू नहीं कर सकता ! लगभग दो सौ लोग अब तक की हिंसा में मारे जा चुके हैं जेलों से एक लाख पचास हज़ार कैदी फरार हो चुके हैं ! पचासी साल से ऊपर के हुस्नी मुबारक को समझ नहीं आ रहा की अब क्या करें ! अभी टुनिशिया के सताधारी अपनी सत्ता के जाने का गम पूरा भी नहीं कर पाए थे की मिस्र की जनता ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया ! खैर ये बात तो हुई मिस्र की पर भारतीय शासकों को अभी तक ये समझ हे नहीं आ रहा की जो हाल अन्य देशों में हुआ है वो भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पर जाकर किसी भी देश में हो सकता है ! जिस देश का प्रधान मंत्री खुले मंच से ये बोले की वो कोई ज्योतिषी नहीं है जो बता सके की जनता को महंगाई से कब निजात मिलेगी तो उस देश को कौन चलाने वाला है ये समझ से बाहर है! जहां राज्य की मुख्यमंत्री से जब सवाल किया जाता है की ये महंगाई क्यूँ है तो उसका जवाब होता है की कहाँ है महंगाई ?
कृषि मंत्री शरद पवार का मेहेंगाई के मुद्दे पर ये बयान देना की सब्जियों से मंत्री का कोई लेना देना नहीं है साबित करता है की सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए ये नेता कुछ भी कर सकते है और जनता के दर्द से इनका कोई लेना देना नहीं है ! कभी आप लोगो ने गौर किया है की जिनको आपने सत्ता का नशा कराया वो आज आपके लिए क्या सोच रहे हैं ! हज़ारों करोड़ रूपये का घोटाला हो जाता है और आपके ये सत्ता में बैठेलोग एक दुसरे को बचाने के सिवा कोई काम नहीं करते ! आज जो भारत की विदेशी माँ बनी बैठी है जिसके चरण कांग्रेस के अस्सी साल से ऊपर के नेता अपने आंसुओं के जल से धोते हैं क्या उसको भारत के उन लोगो के हाल के बारे में जरा भी चिंता है जो आज भारत के गाँव में गरीबी रेखा नहीं बल्कि गरीबो से जो और निचे की रेखा होती है उसमे अपनी नरक जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर हैं ! गरीबी हटाने या गरीबो का भला करने के नाम पर शुरू हुई योजनाओ की क्या असलियत है ये सब जानते हैं !
आज अगर आपको काश्मीर में तिरंगा फेह्राना है तो आपको इजाजत चाहिए उन मुठी भर लोगों से जिन्होंने वहाँ अराजकता फैला रखी है! ठीक है देश की एक बड़ी विपक्षी पार्टी ने इस पर सियासत की पर जो सत्ता में बैठे हैं वो एक बार शेर की तरह दहाड़ मार कर कहते की तिरंगा वहीँ फेहराया जाएगा तो शायद भारतीय जनता पार्टी अपनी राजनीति न कर पाती पर शायद देश के गद्दारों के चरण चूमना ही आज की सत्तासीन सरकार की मजबूरी है ! और उस पर तिरंगा फहराने को लेकर कांग्रेस ने ये बयान तक दिए की इस से माहौल खराब होगा ! यानी अगर भारत का झंडा अगर भारत में फहराने से माहौल खराब होता है तो कल शायद वो अलगाव वादी ये भी बोल सकते हैं की अगर आपने लाल किले पर झंडा फहराया तो हम नाराज हो सकते है तो क्या ये सरकार वहाँ भी झंडा फहराना बंद कर देगी ! महाभारत में सिर्फ एक शिखंडी था पर भारत में आज शायद शिखंडियों की फ़ौज भरी पढ़ी है ! एक सोहराबुद्दीन के मारे जाने पर ऐसा विलाप किया जाता है मानो राष्ट्रपिता की दुबारा हत्या कर दी गयी हो पर लगातार मारे गए कश्मीरी पंडितों का शायद इस देश से कोई लेना देना नहीं है !
इस देश के कथित राजकुंवर चुनावों से ठीक पहले दलितों के घर खाना खाकर या रात गुजार कर नौटंकी तो कर सकते हैं पर वहाँ से जाने के बाद किसी दलित की खबर कभी उन्होंने ली ऐसा मैंने आज तक नहीं सुना ! अंग्रेजी भाषा में बोलकर भ्रष्टाचार की बखिया इन्हें उधेड़ना तो सीख लिया पर ये भूल गए की सत्ता में ये खुद बैठे है ! सत्ताधीश के इस कुंवर का बयान कितना हास्यपद है की किसी नकारा या भ्रष्टाचारी मंत्री को झेलना गठबंधन राजनीति की मजबूरी है ! यानी जनता चाहे मरे या जिए इन्हें किसी तरह बस सत्ता में बने रहना है ! अगर भारत के भविष्य की इतनी चिंता है तो क्यों नहीं इन भ्रष्टाचारियों को साथ छोड़ के जनता के बीच जाते !
ये भारत है और हम भारत की जनता हैं जो किसी भी हाल में बस सहन करना जानते हैं ! ज्यादा होगा तो वातानुकूलित कमरों में बैठ के विदेशी भाषा में राजनीति को थोडा बुरा भला कहेंगे और फिर बैठ जायेंगे किसी नए घोटाले या नए अत्याचार की इन्तजार में की कब हमें मौका मिलेगा दोबारा टीवी पर आकर अपनी शक्ल दिखा कर वही बेवकूफी भरी बातें दोहराने का ! खैर अंत में कहना चाहूँगा की आज विश्व में जो हो रहा है हमें उसे सबक लेना चाहिए नहीं तो कल क्या होगा ये कोई नहीं जानता!
कृषि मंत्री शरद पवार का मेहेंगाई के मुद्दे पर ये बयान देना की सब्जियों से मंत्री का कोई लेना देना नहीं है साबित करता है की सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए ये नेता कुछ भी कर सकते है और जनता के दर्द से इनका कोई लेना देना नहीं है ! कभी आप लोगो ने गौर किया है की जिनको आपने सत्ता का नशा कराया वो आज आपके लिए क्या सोच रहे हैं ! हज़ारों करोड़ रूपये का घोटाला हो जाता है और आपके ये सत्ता में बैठेलोग एक दुसरे को बचाने के सिवा कोई काम नहीं करते ! आज जो भारत की विदेशी माँ बनी बैठी है जिसके चरण कांग्रेस के अस्सी साल से ऊपर के नेता अपने आंसुओं के जल से धोते हैं क्या उसको भारत के उन लोगो के हाल के बारे में जरा भी चिंता है जो आज भारत के गाँव में गरीबी रेखा नहीं बल्कि गरीबो से जो और निचे की रेखा होती है उसमे अपनी नरक जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर हैं ! गरीबी हटाने या गरीबो का भला करने के नाम पर शुरू हुई योजनाओ की क्या असलियत है ये सब जानते हैं !
आज अगर आपको काश्मीर में तिरंगा फेह्राना है तो आपको इजाजत चाहिए उन मुठी भर लोगों से जिन्होंने वहाँ अराजकता फैला रखी है! ठीक है देश की एक बड़ी विपक्षी पार्टी ने इस पर सियासत की पर जो सत्ता में बैठे हैं वो एक बार शेर की तरह दहाड़ मार कर कहते की तिरंगा वहीँ फेहराया जाएगा तो शायद भारतीय जनता पार्टी अपनी राजनीति न कर पाती पर शायद देश के गद्दारों के चरण चूमना ही आज की सत्तासीन सरकार की मजबूरी है ! और उस पर तिरंगा फहराने को लेकर कांग्रेस ने ये बयान तक दिए की इस से माहौल खराब होगा ! यानी अगर भारत का झंडा अगर भारत में फहराने से माहौल खराब होता है तो कल शायद वो अलगाव वादी ये भी बोल सकते हैं की अगर आपने लाल किले पर झंडा फहराया तो हम नाराज हो सकते है तो क्या ये सरकार वहाँ भी झंडा फहराना बंद कर देगी ! महाभारत में सिर्फ एक शिखंडी था पर भारत में आज शायद शिखंडियों की फ़ौज भरी पढ़ी है ! एक सोहराबुद्दीन के मारे जाने पर ऐसा विलाप किया जाता है मानो राष्ट्रपिता की दुबारा हत्या कर दी गयी हो पर लगातार मारे गए कश्मीरी पंडितों का शायद इस देश से कोई लेना देना नहीं है !
इस देश के कथित राजकुंवर चुनावों से ठीक पहले दलितों के घर खाना खाकर या रात गुजार कर नौटंकी तो कर सकते हैं पर वहाँ से जाने के बाद किसी दलित की खबर कभी उन्होंने ली ऐसा मैंने आज तक नहीं सुना ! अंग्रेजी भाषा में बोलकर भ्रष्टाचार की बखिया इन्हें उधेड़ना तो सीख लिया पर ये भूल गए की सत्ता में ये खुद बैठे है ! सत्ताधीश के इस कुंवर का बयान कितना हास्यपद है की किसी नकारा या भ्रष्टाचारी मंत्री को झेलना गठबंधन राजनीति की मजबूरी है ! यानी जनता चाहे मरे या जिए इन्हें किसी तरह बस सत्ता में बने रहना है ! अगर भारत के भविष्य की इतनी चिंता है तो क्यों नहीं इन भ्रष्टाचारियों को साथ छोड़ के जनता के बीच जाते !
ये भारत है और हम भारत की जनता हैं जो किसी भी हाल में बस सहन करना जानते हैं ! ज्यादा होगा तो वातानुकूलित कमरों में बैठ के विदेशी भाषा में राजनीति को थोडा बुरा भला कहेंगे और फिर बैठ जायेंगे किसी नए घोटाले या नए अत्याचार की इन्तजार में की कब हमें मौका मिलेगा दोबारा टीवी पर आकर अपनी शक्ल दिखा कर वही बेवकूफी भरी बातें दोहराने का ! खैर अंत में कहना चाहूँगा की आज विश्व में जो हो रहा है हमें उसे सबक लेना चाहिए नहीं तो कल क्या होगा ये कोई नहीं जानता!
Saturday, January 15, 2011
शाबर-मन्त्र-अनुभूत-प्रयोग
“ॐ गर्जन्तां घोरन्तां, इतनी छिन कहाँ लगाई ? साँझ क वेला, लौंग-सुपारी-पान-फूल-इलायची-धूप-दीप-रोट॒लँगोट-फल-फलाहार मो पै माँगै। अञ्जनी-पुत्र प्रताप-रक्षा-कारण वेगि चलो। लोहे की गदा कील, चं चं गटका चक कील, बावन भैरो कील, मरी कील, मसान कील, प्रेत-ब्रह्म-राक्षस कील, दानव कील, नाग कील, साढ़ बारह ताप कील, तिजारी कील, छल कील, छिद कील, डाकनी कील, साकनी कील, दुष्ट कील, मुष्ट कील, तन कील, काल-भैरो कील, मन्त्र कील, कामरु देश के दोनों दरवाजा कील, बावन वीर कील, चौंसठ जोगिनी कील, मारते क हाथ कील, देखते क नयन कील, बोलते क जिह्वा कील, स्वर्ग कील, पाताल कील, पृथ्वी कील, तारा कील, कील बे कील, नहीं तो अञ्जनी माई की दोहाई फिरती रहे। जो करै वज्र की घात, उलटे वज्र उसी पै परै। छात फार के मरै। ॐ खं-खं-खं जं-जं-जं वं-वं-वं रं-रं-रं लं-लं-लं टं-टं-टं मं-मं-मं। महा रुद्राय नमः। अञ्जनी-पुत्राय नमः। हनुमताय नमः। वायु-पुत्राय नमः। राम-दूताय नमः।”
विधिः- अत्यन्त लाभ-दायक अनुभूत मन्त्र है। १००० पाठ करने से सिद्ध होता है। अधिक कष्ट हो, तो हनुमानजी का फोटो टाँगकर, ध्यान लगाकर लाल फूल और गुग्गूल की आहुति दें। लाल लँगोट, फल, मिठाई, ५ लौंग, ५ इलायची, १ सुपारी चढ़ा कर पाठ करें।
२॰ गोरख शाबर गायत्री मन्त्र
“ॐ गुरुजी, सत नमः आदेश। गुरुजी को आदेश। ॐकारे शिव-रुपी, मध्याह्ने हंस-रुपी, सन्ध्यायां साधु-रुपी। हंस, परमहंस दो अक्षर। गुरु तो गोरक्ष, काया तो गायत्री। ॐ ब्रह्म, सोऽहं शक्ति, शून्य माता, अवगत पिता, विहंगम जात, अभय पन्थ, सूक्ष्म-वेद, असंख्य शाखा, अनन्त प्रवर, निरञ्जन गोत्र, त्रिकुटी क्षेत्र, जुगति जोग, जल-स्वरुप रुद्र-वर्ण। सर्व-देव ध्यायते। आए श्री शम्भु-जति गुरु गोरखनाथ। ॐ सोऽहं तत्पुरुषाय विद्महे शिव गोरक्षाय धीमहि तन्नो गोरक्षः प्रचोदयात्। ॐ इतना गोरख-गायत्री-जाप सम्पूर्ण भया। गंगा गोदावरी त्र्यम्बक-क्षेत्र कोलाञ्चल अनुपान शिला पर सिद्धासन बैठ। नव-नाथ, चौरासी सिद्ध, अनन्त-कोटि-सिद्ध-मध्ये श्री शम्भु-जति गुरु गोरखनाथजी कथ पढ़, जप के सुनाया। सिद्धो गुरुवरो, आदेश-आदेश।।”
साधन-विधि एवं प्रयोगः-
प्रतिदिन गोरखनाथ जी की प्रतिमा का पंचोपचार से पूजनकर २१, २७, ५१ या १०८ जप करें। नित्य जप से भगवान् गोरखनाथ की कृपा मिलती है, जिससे साधक और उसका परिवार सदा सुखी रहता है। बाधाएँ स्वतः दूर हो जाती है। सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है और अन्त में परम पद प्राप्त होता है।
३॰ दुर्गा शाबर मन्त्र
“ॐ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंह-वाहिनी। बीस-हस्ती भगवती, रत्न-मण्डित सोनन की माल। उत्तर-पथ में आप बैठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि। धन-धान्य देहि देहि, कुरु कुरु स्वाहा।”
विधिः- उक्त मन्त्र का सवा लाख जप कर सिद्ध कर लें। फिर आवश्यकतानुसार श्रद्धा से एक माला जप करने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। लक्ष्मी प्राप्त होती है, नौकरी में उन्नति और व्यवसाय में वृद्धि होती है।
४॰ लक्ष्मी शाबर मन्त्र
“विष्णु-प्रिया लक्ष्मी, शिव-प्रिया सती से प्रकट हुई। कामाक्षा भगवती आदि-शक्ति, युगल मूर्ति अपार, दोनों की प्रीति अमर, जाने संसार। दुहाई कामाक्षा की। आय बढ़ा व्यय घटा। दया कर माई। ॐ नमः विष्णु-प्रियाय। ॐ नमः शिव-प्रियाय। ॐ नमः कामाक्षाय। ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं फट् स्वाहा।”
विधिः- धूप-दीप-नैवेद्य से पूजा कर सवा लक्ष जप करें। लक्ष्मी आगमन एवं चमत्कार प्रत्यक्ष दिखाई देगा। रुके कार्य होंगे। लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।
Tuesday, December 28, 2010
यही मेरी कलम की आवाज़ है
नमस्कार मित्रों ! वैसे तो ये ब्लॉग मैंने ज्योतिष सम्बंधी विषयों के लिए बनाया था परन्तु पेशे से पत्रकार होने की वजह से जब दिल में कुछ विचार आते हैं तो कलम को रोकना संभव नहीं हो पाता ! खैर : अभी एक नक्सली समर्थक विनायक सेन की गिरफ्तारी ने हलचल मचा रखी है !रायपुर में सक्रिय डाक्टर विनायक सेन लंबे समय से नक्सली सहयोगी के रूप में जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ शासन ने उन्हें दो वर्ष पहले अवैध गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया।तब सन 2007 में भी सुप्रीम कोर्ट ने सेन की जमानत याचिका खारिज करते हुए सवाल दागा था की सेन की जमानत की याचिका देने वाले उनके पीयूसीएल से जुड़े होने पर इतना जोर क्यूँ दे रहे हैं ? क्या पीयूसीएल से जुड़े होने पर किसी को अराजक गतिविधियों या अराजक तत्वों जैसा काम करने की छूट मिल जाती है ! अब जब दुबारा सेन की गिरफ्तारी हो रही है तो न तो रायपुर में कोई हलचल है न ही छत्तीसगढ़ में ! नक्सलियों ने ही नहीं सभी देश द्रोही संगठनों ने ये रणनीति बना रखी है की कोई सामाजिक दिखावट वाला लबादा ओढ़ लिया जाए बस फिर मजे में जो चाहो करो !
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ध्यान देने लायक बात ये है की सेन की रिहाई की मांग कर कौन रहा है ? क्या सेन कोई मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं या बहुत बड़े समाज सेवी हैं ,जिन्हें सरकार परेशान कर रही है ! ध्यान देने लायक बात ये भी है की अभी तक जिन भी नक्सल समर्थक हस्तियों को रमन मैग्सेसे पुरूस्कार दिया गया है वो किस संस्था या व्यक्ति द्वारा संचालित है तो जान कर हैरानी होगी की ये पुरूस्कार देने वाली संस्था अमेरिका के प्रसिद्ध रॉकफेलर फाऊंडेशन द्वारा स्थापित एवं फोर्ड फाऊंडेशन द्वारा वित्तीय साहयता प्राप्त है ! क्यूँ अमेरिका के इस फाऊंडेशन ने ये आधार बनाया है की सरकार विरोधी और संस्कृति के विरुद्ध कार्य करने वाले लोगों को ही ये सम्मान दिया जाएगा ? आज विनायक सेन को आज़ाद करने के लिए जिस संस्था ने मुहीम चला रखी है उस संस्था का आधार भी जान लें ! पीपुल्स वाच नाम की इस संस्था को पूरी आर्थिक मदद हौलेंड की इसाई संस्थाएं करती हैं ! आखिर सेन का इतना नाम तो नहीं की या वो कोई इतने बड़े समाज सेवक नहीं की उनकी गिरफ्तारी पर अमेरिका और फ्रांस आदि देशो में बैठे लोगों के पेट में दर्द शुरू हो जाए ! मेरी समझ में ये नहीं आता की विदेशों में बैठे लोग सेन को आखिर इतना अच्छी तरह कैसे जानते हैं की गिरफ्तारी के तुरंत बाद इनके माथे पर शिकन आ जाती है ! गौर किया जाए तो नक्सली समर्थक लोगो या नेताओं को ईसाई संस्थाएं ही सम्मान से नवाज रही हैं इस बात की ओर किसी का ध्यान क्यों नहीं जाता ?
बात सिर्फ विदेश की ही नहीं हमारे देश मैं भी कई बुद्धिजीवियों को सेन की गिरफ्तारी से बड़ी दिक्कत है ! अगर हमारे देश की न्यायपालिका ने पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद सेन को कैद की सजा सुनाई तो कुछ बुद्धिजीवियों ने बिना तथ्य देखे फैसला सुना दिया की सेन निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है ! कमाल की बात है जिस सेन की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन सबूत जुटा कर अदालत पहुंचा उन सबको इन बंद कमरों में बैठने वाले लोगों ने जो कभी शायद नक्सली क्षेत्र में गए भी न हों ने फैसला सुना दिया की सेन निर्दोष हैं ! तिस पर राम जेठमलानी सरीखे वकील ने तो कह ही दिया की में सेन को अच्छी तरह जानता हूँ की वे निर्दोष हैं ! तो भाई साहब अब जिस किसी को गिरफ्तार करना हो तो पहले इन बुद्धिजीवी वर्ग से अनापत्ति प्रमाण पत्र जरूर ले लें !
दया आती है इन लोगो की सोच पर कभी अफजल की फांसी का विरोध करते हैं कभी किसी देश द्रोही की वकालत करने को आतुर हो जाते हैं ! दरअसल ये हमारे अतीत के वो बीज हैं जो हमने अपने वोट बैंक की खातिर बो तो दिए लेकिन अब कोई इसकी फसल काटने को तैयार नहीं है ! और अब इन फसलो के पास जाना भी खतरे से खाली नहीं सब जानते हैं !क्युकी अब ये फसल जहर से लदी खड़ीहैं ! आखिर में ये चंद पंक्तियाँ लिखने से अपने को रोक नहीं पा रहा हूँ " ये हश्र भी देखा है तारीख की नज़रों ने .......लम्हों ने खता की थी सदीयों ने सजा पायी है "
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ध्यान देने लायक बात ये है की सेन की रिहाई की मांग कर कौन रहा है ? क्या सेन कोई मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं या बहुत बड़े समाज सेवी हैं ,जिन्हें सरकार परेशान कर रही है ! ध्यान देने लायक बात ये भी है की अभी तक जिन भी नक्सल समर्थक हस्तियों को रमन मैग्सेसे पुरूस्कार दिया गया है वो किस संस्था या व्यक्ति द्वारा संचालित है तो जान कर हैरानी होगी की ये पुरूस्कार देने वाली संस्था अमेरिका के प्रसिद्ध रॉकफेलर फाऊंडेशन द्वारा स्थापित एवं फोर्ड फाऊंडेशन द्वारा वित्तीय साहयता प्राप्त है ! क्यूँ अमेरिका के इस फाऊंडेशन ने ये आधार बनाया है की सरकार विरोधी और संस्कृति के विरुद्ध कार्य करने वाले लोगों को ही ये सम्मान दिया जाएगा ? आज विनायक सेन को आज़ाद करने के लिए जिस संस्था ने मुहीम चला रखी है उस संस्था का आधार भी जान लें ! पीपुल्स वाच नाम की इस संस्था को पूरी आर्थिक मदद हौलेंड की इसाई संस्थाएं करती हैं ! आखिर सेन का इतना नाम तो नहीं की या वो कोई इतने बड़े समाज सेवक नहीं की उनकी गिरफ्तारी पर अमेरिका और फ्रांस आदि देशो में बैठे लोगों के पेट में दर्द शुरू हो जाए ! मेरी समझ में ये नहीं आता की विदेशों में बैठे लोग सेन को आखिर इतना अच्छी तरह कैसे जानते हैं की गिरफ्तारी के तुरंत बाद इनके माथे पर शिकन आ जाती है ! गौर किया जाए तो नक्सली समर्थक लोगो या नेताओं को ईसाई संस्थाएं ही सम्मान से नवाज रही हैं इस बात की ओर किसी का ध्यान क्यों नहीं जाता ?
बात सिर्फ विदेश की ही नहीं हमारे देश मैं भी कई बुद्धिजीवियों को सेन की गिरफ्तारी से बड़ी दिक्कत है ! अगर हमारे देश की न्यायपालिका ने पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद सेन को कैद की सजा सुनाई तो कुछ बुद्धिजीवियों ने बिना तथ्य देखे फैसला सुना दिया की सेन निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है ! कमाल की बात है जिस सेन की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन सबूत जुटा कर अदालत पहुंचा उन सबको इन बंद कमरों में बैठने वाले लोगों ने जो कभी शायद नक्सली क्षेत्र में गए भी न हों ने फैसला सुना दिया की सेन निर्दोष हैं ! तिस पर राम जेठमलानी सरीखे वकील ने तो कह ही दिया की में सेन को अच्छी तरह जानता हूँ की वे निर्दोष हैं ! तो भाई साहब अब जिस किसी को गिरफ्तार करना हो तो पहले इन बुद्धिजीवी वर्ग से अनापत्ति प्रमाण पत्र जरूर ले लें !
दया आती है इन लोगो की सोच पर कभी अफजल की फांसी का विरोध करते हैं कभी किसी देश द्रोही की वकालत करने को आतुर हो जाते हैं ! दरअसल ये हमारे अतीत के वो बीज हैं जो हमने अपने वोट बैंक की खातिर बो तो दिए लेकिन अब कोई इसकी फसल काटने को तैयार नहीं है ! और अब इन फसलो के पास जाना भी खतरे से खाली नहीं सब जानते हैं !क्युकी अब ये फसल जहर से लदी खड़ीहैं ! आखिर में ये चंद पंक्तियाँ लिखने से अपने को रोक नहीं पा रहा हूँ " ये हश्र भी देखा है तारीख की नज़रों ने .......लम्हों ने खता की थी सदीयों ने सजा पायी है "
Monday, December 20, 2010
मुझे मौत चाहिए
जी हाँ मैं एक आम आदमी हूँ और मैं आत्महत्या करना चाहता हूँ ! मैं कई दिनों से विचार कर रहा था ! लगातार सोच रहा था पर किसी निश्चय पर नहीं पहुँच पा रहा था ! किसी से कह भी नहीं पा रहा था ! कई दोस्तों से बात की सबने बात को हंसी में उड़ा दिया ! किसी ने कोई ठोस राय नहीं दी ! मैं असमंजस में था ! कोई मदद भी करने को तैयार नहीं था ! मदद बाद की बात किसी के पास मेरी बात सुनने का समय भी नहीं था ! कोई समय निकाल ही नहीं पा रहा था ! टेलीविजन से कोई नया रास्ता पाने की फिराक में टीवी चालु करके देखा और कई दिन देखा पर वो बेचारे बहुत व्यस्त थे ! सभी चेनल या तो सलमान और कटरीना की फ़िक्र में थे जो बचे हुए थे वो या तो सास बहु सीरियल की कहानी सुनाने में लगे थे या फिर कांग्रेस पार्टी के महाधिवेशन की कुर्सियां दिखाने में मसरूफ थे ! मेरी आत्महत्या से किसी को कुछ नहीं लेना था ! लेना भी क्यूँ हो ? मैं एक आम आदमी जो ठहरा ! मेरी औकात ही क्या है !
मैं लाचार हो चुका हूँ ! कम से कम आप लोगों को मेरी आत्महत्या के विषय पर सोचना होगा और अगर सब नहीं तो शायद कोई तो ऐसा होगा जो मुझे किसी तरह की राय देगा ! चाहे हंसी में देगा पर देगा ऐसा मेरा भरोसा है ! मैने बड़े बड़े नेताओं को जनता की अदालत की बात करते देखा है ! जब भी कोई बात होती है तो सभी नेताओं ,चेनल सभी को कहते सुना है की जनता इस बात का फैसला करेगी ! मुझे भी अब लगता है की जनता ही मेरा फैसला करेगी ! कितनी अच्छी बात होगी ? एक आम आदमी का फैसला बहुत सारे आम आदमी करेंगे !
मेरी व्यथा ये है की मैं अपने परिवार के आगे शर्मिंदा हूँ ! अपने परिवार से आँखें नहीं मिला पाता !मैं एक साधारण नौकरी करता हूँ ! 60 रूपये किलो का प्याज और चालीस रूपये किलो का टमाटर मैं अपने परिवार को नहीं खिला सकता ! सौ रूपये वाली दाल एक बार खरीद लेने के बाद दुबारा पंसारी से आँख मिलाने की हिम्मत नहीं होती ! तीस रूपये किलो का दूध खरीदने के बाद दूध वाला जब अगले महीने दाम बढ़ाने की जब बात करता है तो वो ग्वाला दिखने की बजाय प्रणब मुखर्जी ज्यादा लगता है ! आज जब सुना की रसोई गैस की कीमत में फिर बढ़ोतरी की आशंका है तो परिवार खाना खाने की बजाय इस बात पर विचार विमर्श करने लगा की जो गैस सिलंडर एक महिना चलता था को और ज्यादा कैसे चलाया जाए ! पहले जब जेब में पैसे नहीं होते थे तो घर में झूठा गुस्सा दिखा कर काम चल जाता था क्यूंकि गुस्सा देख कर घरवाली पैसे मांगने या किसी चीज की मांग करने की हिम्मत नहीं करेगी ! पर अब ये तरीका भी बेकार हो चला है क्यूंकि झूठी राजनीति से देश तो चल जाता है लेकिन घर नहीं ! सो इस झूठे गुस्से की पोल भी खुल चुकी है !
खैर सच्चाई ये है की मैं हार चुका हूँ कभी कभी खुद अपने दिल में सोचता हूँ की भगवान् ने मुझे क्यों इस धरती पर भेजा अगर भेजा तो इतना गरीब बना कर क्यों भेजा ? क्या आम आदमी होना मेरे लिए इतना बड़ा श्राप है ! क्यूँ भगवान् जिनके पास है उन्ही को और दिए जा रहा है ? अगर भगवन दे भी रहा है तो दे दे मुझे कोई परेशानी नहीं ....परेशानी ये है की वही भगवान् मुझे अपने गुजारे लायक भी क्यूँ नहीं दे रहा ? क्यूँ मुझे अकेले में रोना पड़ता है ? क्यूँ भगवान् ने मेरे जैसे आदमी को सिर्फ चिंता कमाने के लिए रख छोड़ा है ? मुझे नहीं चाहिए बड़ा बंगला नहीं चाहिए बड़ी गाडी नहीं चाहिए नौकरों की लम्बी फ़ौज पर अपने और अपने परिवार के गुजारे के लिए तो पूरा चाहिए !
सो अब फैसला किया है की मुझे मरना चाहिए ! क्यूंकि भगवान् से जीते जी तो बात नहीं हो सकती शायद मरने के बाद उसके संसार में जाकर दो चार सवाल पूछ पाऊँ और अपने जैसे न जाने कितने आम आदमी जो दुःख झेल रहे हैं शायद उनके बारे में भगवान् को सब बता सकूँ क्यूंकि लगता है इन पैसे वालों ने कहीं भगवान् के संदेशवाहक को तो नहीं खरीद लिया जो हम जैसे लोगो की पुकार भगवान् तक नहीं पहुँचने दे रहे हों ! मैंने सुना है भगवान् सब देखता है तो मुझे भी उम्मीद यही है मेरा ये लेख भी भगवान् देखेगा और कुछ न कुछ जरूर करेगा ! शायद भगवान् इसी लेख को विनती मान कुछ पिघल जाए ! .......तब तक आप लोगों से विनती है की मेरे इस लेख को मेरा निजी लेख मान कर अपनी राय या प्रतिक्रिया जरूर दें की मुझे किस तरह मरना चाहिए शायद आपके बताये रास्ते से मैं अपने मन पक्का कर अपनी मौत के फैसले को और मजबूत कर सकूँ और अपने मौत के विचार को और मजबूत कर लूँ !
आपकी सलाह और मार्गदर्शन की मुझे पूरी आस है आशा है आप अपने मार्गदर्शन से मेरे फैसले को और मजबूत करेंगे! आप लोगों से विनती है की ब्लॉग के किसी लेख पर अपनी राय दें या न दें पर इस विषय पर प्रतिक्रिया जरूर दें
....आपका मित्र समीर चतुर्वेदी
मैं लाचार हो चुका हूँ ! कम से कम आप लोगों को मेरी आत्महत्या के विषय पर सोचना होगा और अगर सब नहीं तो शायद कोई तो ऐसा होगा जो मुझे किसी तरह की राय देगा ! चाहे हंसी में देगा पर देगा ऐसा मेरा भरोसा है ! मैने बड़े बड़े नेताओं को जनता की अदालत की बात करते देखा है ! जब भी कोई बात होती है तो सभी नेताओं ,चेनल सभी को कहते सुना है की जनता इस बात का फैसला करेगी ! मुझे भी अब लगता है की जनता ही मेरा फैसला करेगी ! कितनी अच्छी बात होगी ? एक आम आदमी का फैसला बहुत सारे आम आदमी करेंगे !
मेरी व्यथा ये है की मैं अपने परिवार के आगे शर्मिंदा हूँ ! अपने परिवार से आँखें नहीं मिला पाता !मैं एक साधारण नौकरी करता हूँ ! 60 रूपये किलो का प्याज और चालीस रूपये किलो का टमाटर मैं अपने परिवार को नहीं खिला सकता ! सौ रूपये वाली दाल एक बार खरीद लेने के बाद दुबारा पंसारी से आँख मिलाने की हिम्मत नहीं होती ! तीस रूपये किलो का दूध खरीदने के बाद दूध वाला जब अगले महीने दाम बढ़ाने की जब बात करता है तो वो ग्वाला दिखने की बजाय प्रणब मुखर्जी ज्यादा लगता है ! आज जब सुना की रसोई गैस की कीमत में फिर बढ़ोतरी की आशंका है तो परिवार खाना खाने की बजाय इस बात पर विचार विमर्श करने लगा की जो गैस सिलंडर एक महिना चलता था को और ज्यादा कैसे चलाया जाए ! पहले जब जेब में पैसे नहीं होते थे तो घर में झूठा गुस्सा दिखा कर काम चल जाता था क्यूंकि गुस्सा देख कर घरवाली पैसे मांगने या किसी चीज की मांग करने की हिम्मत नहीं करेगी ! पर अब ये तरीका भी बेकार हो चला है क्यूंकि झूठी राजनीति से देश तो चल जाता है लेकिन घर नहीं ! सो इस झूठे गुस्से की पोल भी खुल चुकी है !
खैर सच्चाई ये है की मैं हार चुका हूँ कभी कभी खुद अपने दिल में सोचता हूँ की भगवान् ने मुझे क्यों इस धरती पर भेजा अगर भेजा तो इतना गरीब बना कर क्यों भेजा ? क्या आम आदमी होना मेरे लिए इतना बड़ा श्राप है ! क्यूँ भगवान् जिनके पास है उन्ही को और दिए जा रहा है ? अगर भगवन दे भी रहा है तो दे दे मुझे कोई परेशानी नहीं ....परेशानी ये है की वही भगवान् मुझे अपने गुजारे लायक भी क्यूँ नहीं दे रहा ? क्यूँ मुझे अकेले में रोना पड़ता है ? क्यूँ भगवान् ने मेरे जैसे आदमी को सिर्फ चिंता कमाने के लिए रख छोड़ा है ? मुझे नहीं चाहिए बड़ा बंगला नहीं चाहिए बड़ी गाडी नहीं चाहिए नौकरों की लम्बी फ़ौज पर अपने और अपने परिवार के गुजारे के लिए तो पूरा चाहिए !
सो अब फैसला किया है की मुझे मरना चाहिए ! क्यूंकि भगवान् से जीते जी तो बात नहीं हो सकती शायद मरने के बाद उसके संसार में जाकर दो चार सवाल पूछ पाऊँ और अपने जैसे न जाने कितने आम आदमी जो दुःख झेल रहे हैं शायद उनके बारे में भगवान् को सब बता सकूँ क्यूंकि लगता है इन पैसे वालों ने कहीं भगवान् के संदेशवाहक को तो नहीं खरीद लिया जो हम जैसे लोगो की पुकार भगवान् तक नहीं पहुँचने दे रहे हों ! मैंने सुना है भगवान् सब देखता है तो मुझे भी उम्मीद यही है मेरा ये लेख भी भगवान् देखेगा और कुछ न कुछ जरूर करेगा ! शायद भगवान् इसी लेख को विनती मान कुछ पिघल जाए ! .......तब तक आप लोगों से विनती है की मेरे इस लेख को मेरा निजी लेख मान कर अपनी राय या प्रतिक्रिया जरूर दें की मुझे किस तरह मरना चाहिए शायद आपके बताये रास्ते से मैं अपने मन पक्का कर अपनी मौत के फैसले को और मजबूत कर सकूँ और अपने मौत के विचार को और मजबूत कर लूँ !
आपकी सलाह और मार्गदर्शन की मुझे पूरी आस है आशा है आप अपने मार्गदर्शन से मेरे फैसले को और मजबूत करेंगे! आप लोगों से विनती है की ब्लॉग के किसी लेख पर अपनी राय दें या न दें पर इस विषय पर प्रतिक्रिया जरूर दें
....आपका मित्र समीर चतुर्वेदी
Thursday, December 16, 2010
राहू की दशा / काल सर्प योग के आसान उपाय
सभी मित्रों को मेरा सादर प्रणाम ! दोस्तों आज हम बात करेंगे राहू के बारे में ! मुझे पिछले दिनों के लोगों से बात करने का अवसर मिला ! ब्लॉग पढकर इन लोगों ने मुझसे कई सवाल किये ! ज्यादातर लोगो से बात करने के बाद पता चला की किसी न किसी तरह राहू के बारे में यही पता है की जब जब राहू की दशा आती है तो राहू कष्ट देता है ! जैसा की मैने अपने पिछले लेखो में भी लिखा है की राहू सदा नुक्सानदाई नहीं होता ! राहू इच्छाओं का कारक है ! जब भी किसी घटना या या क्रिया के साथ अचानक शब्द का प्रयोग हुआ तो मान लीजिये की राहू की उपस्थिति दर्ज हो गयी ! अचानक दुर्घटना , अचानक मृत्यु , अचानक धन की प्राप्ति , सट्टा , लोटरी कंप्यूटर , अचानक अपराध में वृद्धि इन सभी का कहीं न कहीं राहू से सम्बन्ध है !
कुछ लोगों ने ये भी कहा की आपने कहा था की काल सर्प योग का निवारण बहुत आसान है लेकिन आपने बताया नहीं ! मित्रों ... काल सर्प योग का निवारण बहुत आसान है और बहुत सस्ता भी है ! पहले तो काल सर्प योग के बारे में जान ले ! जब भी राहू और केतु के मध्य सभी गृह आ जाते हैं तो काल सर्प योग का निर्माण होता है ! और ध्यान देने योग्य बात ये है की जिस प्रकार शनि की साढ़े साती या दशा सदा पीढ़ा नहीं देती और कई बार जातक को नयी सफलता देती है उसी प्रकार काल सर्प योग भी व्यक्ति को कई बार सफलता के उस शिखर पर बैठा देता है जिसकी उसने कभी आशा नहीं की होती ! खैर ये सब बातों को करने का कोई लाभ नहीं है क्यूंकि आज यदि कोई काल सर्प योग से पीड़ित है तो उसे उसका निदान चाहिए और कुछ नहीं !
काल सर्प योग के निदान हेतु सबसे आसान उपाय मैं यहाँ देने जा रहा हूँ ! पहले तो ये देखें की काल सर्प योग में राहू की स्तिथि क्या है यदि आपकी जन्म कुंडली के पहले स्थान से छठे स्थानके बीच राहू महाराज विधमान हैं तो आपको इस का निदान पूर्णमासी के दिन करना है और यदि आपके कुंडली के पहले से छठे स्थान के बीच केतु भगवान् विराजमान हैं तो आपको ये उपाय अमावस्या के दिन करना है और ये उपाय सिर्फ राहू काल में ही करें !
कुछ लोगों ने ये भी कहा की आपने कहा था की काल सर्प योग का निवारण बहुत आसान है लेकिन आपने बताया नहीं ! मित्रों ... काल सर्प योग का निवारण बहुत आसान है और बहुत सस्ता भी है ! पहले तो काल सर्प योग के बारे में जान ले ! जब भी राहू और केतु के मध्य सभी गृह आ जाते हैं तो काल सर्प योग का निर्माण होता है ! और ध्यान देने योग्य बात ये है की जिस प्रकार शनि की साढ़े साती या दशा सदा पीढ़ा नहीं देती और कई बार जातक को नयी सफलता देती है उसी प्रकार काल सर्प योग भी व्यक्ति को कई बार सफलता के उस शिखर पर बैठा देता है जिसकी उसने कभी आशा नहीं की होती ! खैर ये सब बातों को करने का कोई लाभ नहीं है क्यूंकि आज यदि कोई काल सर्प योग से पीड़ित है तो उसे उसका निदान चाहिए और कुछ नहीं !
काल सर्प योग के निदान हेतु सबसे आसान उपाय मैं यहाँ देने जा रहा हूँ ! पहले तो ये देखें की काल सर्प योग में राहू की स्तिथि क्या है यदि आपकी जन्म कुंडली के पहले स्थान से छठे स्थानके बीच राहू महाराज विधमान हैं तो आपको इस का निदान पूर्णमासी के दिन करना है और यदि आपके कुंडली के पहले से छठे स्थान के बीच केतु भगवान् विराजमान हैं तो आपको ये उपाय अमावस्या के दिन करना है और ये उपाय सिर्फ राहू काल में ही करें !
काल सर्प योग के निवारण हेतु आप लगभग सवा पांच किलो कच्चे चावल लें और उन्हें बांस की टोकरी में रख लें उसके पश्चात लगभग दो या सवा दो लीटर दूध लेकर उन चावलों के ऊपर डाल लें जिससे की चावल पूर्ण तरीके से दूध में हो जाएँ उसके बाद राहू काल में जैसा की मैने पहले कहा है उन चावलों को ले जाकर किसी नदी में प्रवाहित कर दें और प्रवाहित करते समय राहू महाराज से प्रार्थना करतें रहे की वे आपको काल सर्प योग से होने वाले दुष्प्रभावों से मुक्ति दें तथा इस योग के जो भी सुप्रभाव हो उनको आपके जीवन मैं लायें !
उसके साथ ही काल सर्प योग का ये उपाय यदि आपको करने में असुविधा लगती हो तो जैसा मैंने बताया है की राहू की स्तिथि देखते हुए या पूर्णमासी या फिर केतु की स्तिथि देखते हुए अमावस्या के किसी भी सोमवार से कच्चे दूध में भांग की थोड़ी पत्तियाँ डाल कर शिवलिंग पर लगतार चढ़ाएं और यदि आप लगातार करने में भी समर्थ न हों तो प्रत्येक सोमवार अवश्य करें आपको निश्चित रूप से लाभ होगा और आपके कार्यो में सफलता मिलना शुरू हो जाएगा तथा सुख का आगमन होगा ! ये उपाय कारगर हैं यदि आप विश्वास रखें तो ये वो उपाय हैं जिनसे आप बेकार के खर्चों से बचते हुए सामान्य रूप से करके लाभ उठा सकते हैं ! तो मित्रों आज के लिए बस इतना हे आगे आपसे फिर मुलाक़ात होगी तब तक के लिए नमस्कार !
उसके साथ ही काल सर्प योग का ये उपाय यदि आपको करने में असुविधा लगती हो तो जैसा मैंने बताया है की राहू की स्तिथि देखते हुए या पूर्णमासी या फिर केतु की स्तिथि देखते हुए अमावस्या के किसी भी सोमवार से कच्चे दूध में भांग की थोड़ी पत्तियाँ डाल कर शिवलिंग पर लगतार चढ़ाएं और यदि आप लगातार करने में भी समर्थ न हों तो प्रत्येक सोमवार अवश्य करें आपको निश्चित रूप से लाभ होगा और आपके कार्यो में सफलता मिलना शुरू हो जाएगा तथा सुख का आगमन होगा ! ये उपाय कारगर हैं यदि आप विश्वास रखें तो ये वो उपाय हैं जिनसे आप बेकार के खर्चों से बचते हुए सामान्य रूप से करके लाभ उठा सकते हैं ! तो मित्रों आज के लिए बस इतना हे आगे आपसे फिर मुलाक़ात होगी तब तक के लिए नमस्कार !
Thursday, December 9, 2010
मेरी सोच
नमस्कार मित्रों आज ज्योतिष से कुछ हटकर बात करने का मन हुआ है ! पिछले कुछ समय से हमारी लोक सभा और राज्य सभा ठप पढ़ी हैं ! मुद्दा था टेलिकॉम घोटाला ! अब एक टेलिकॉम घोटाले को लेकर इतना हल्ला करने की क्या जरूरत है ! जब अभी दिल्ली के कोमन वेल्थ खेलो को हम पचा गए और कुछ नहीं किया तो क्या करना इस घोटाले को लेकर ! क्यों इतना हल्ला मचा है ! इन बेशर्म हो चुके नेताओं को क्या फर्क पड़ता है ? आपको क्या लगता है क्या ये विपक्ष आपको सजग करने के लिए इतना हल्ला मचा रहा है ? नहीं.....! जरा भ्रष्टाचार का विरोध करने वालों के चेहरे देखो ! भ्रष्टाचार करने वालो के चेहरों से कम बेशर्मी नहीं है इनकी शक्लों पर ! इन्हें गुस्सा इस बात का नहीं की भ्रष्टाचार हुआ है इन्हें गुस्सा इस बात का है की इन्हें ये सब करने का मौका नहीं मिला ! बनारस मैं बम फटा इन लोगो के चेहरे पर शिकन नहीं है ! इन्हें देश की तरक्की या सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं है ! इन्हें फ़िक्र है तो बस इस देश को कैसे लूटा जाए , यहाँ के लोगो को कैसे मुर्ख बनाया जाए ! ये हमें मुर्ख बना सकते हैं क्युकी हम है ही मुर्ख ! हमें बस चटपटी खबरों का चस्का है ! हमारी जेब पर कौन डाका डाल रहा है हमें इसकी कोई चिंता नहीं है !
आज अगर हम अपने देश की बात करें तो शायद इससे बेहतर हम गुलाम ही भले थे ! कम से कम हम किसी नियम से से चलते थे ! हमें डर था की अगर अपराध किया तो दंड मिलेगा ! पर आज अपराधी बेख़ौफ़ हैं ! रोज लूट होती है रोज डाके पड़ जाते हैं , रोज हत्याकांड होते हैं लेकिन देश की रानी और उनके चापलूस मंत्री सोते हैं ! जो पाप सरकार के सर है उससे बड़ा पाप विपक्ष के सर पर है ! किसी भी मुद्दे पर भाँड़ो की तरह टीवी पर झूठा गुस्सा दिखाना विपक्ष की आदत मैं है ! इन नेताओं से भली जात तो उन गा बजा कर मांगने वालों की है जिनकी कोई पहचान तो है लेकिन इन मोटी चर्बी वाले भाँड़ो को क्या कहें ! उद्योगपतियों के दलाल बने बैठे है सत्ता के गलियारों में ! देश के करोडो लोगो को अनाज क्या भले ही पीने के लिए गन्दा भी पानी न मिले पर इन सत्ता के दलालों को संसद में मिनरल वाटर के बिना गुजारा करना नहीं आता ! एक बार एक ज्योतिष मित्र ने कहा की कलयुग में राहू की सत्ता होगी अब लगता है उनका इशारा कहाँ था और बिलकुल सही था !
और आज के सबसे बड़े नौटंकी करने वाले अगर हैं तो वो हैं हमारे खबरिया चेनल ! किस खबर को किसके पक्ष मैं दिखाना है ये कलाकारी कोई इनसे पूछे ! किसी एक खबर को आप अलग अलग चेनल पर देखिये ! सभी चेनल तुरंत फैसला सुनाने को आतुर हैं की कौन गलत है और कौन सही ! टीवी पर खबर चल रही है सुरक्षा बल के 70 जवानों को नक्सलियों ने मार दिया पर खबर से ज्यादा इन चेनलों को ब्रेक मे विज्ञापन दिखाने की मजबूरी है ! खबरों के नाम पर किस तरह के स्टिंग होते है उसका नज़ारा सब कई बार देख चुके हैं ! आखिर करें भी क्या जब सब देश को लूटने में लगे हैं तो तो इनका भी हक बनता है न की देश के इस धर्म जिसका नाम भ्रष्टाचार है उसका अनुसरण करें !
शायद मेरे इस लेख को पढ़ कर आप सोच रहे होंगे की इस ज्योतिष की बात करने वाले को क्या हुआ ? कहीं समीर चतुर्वेदी पागल तो नहीं हो गया जो ज्योतिष से हटकर बेकार की बातों मे अपनी रूचि दिखा रहा है ! और एक विषय नहीं सब बातों को एक धागे मे डालने की कोशिश कर रहा है पर क्या करूँ बहुत कोशिश करता हूँ शांत रहूँ पर जब दिल का ज्वालामुखी फटने को होता है तो दिल के हर छेद से लावा फूट फूटकर निकलता है ! जानता हूँ की कोई अकेला कुछ नहीं कर सकता पर किसी की कही ये पंक्तियाँ याद आ जाती हैं """ कौन कहता है आसमान से सितारे नहीं टूटा करते ...एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों .!
आज अगर हम अपने देश की बात करें तो शायद इससे बेहतर हम गुलाम ही भले थे ! कम से कम हम किसी नियम से से चलते थे ! हमें डर था की अगर अपराध किया तो दंड मिलेगा ! पर आज अपराधी बेख़ौफ़ हैं ! रोज लूट होती है रोज डाके पड़ जाते हैं , रोज हत्याकांड होते हैं लेकिन देश की रानी और उनके चापलूस मंत्री सोते हैं ! जो पाप सरकार के सर है उससे बड़ा पाप विपक्ष के सर पर है ! किसी भी मुद्दे पर भाँड़ो की तरह टीवी पर झूठा गुस्सा दिखाना विपक्ष की आदत मैं है ! इन नेताओं से भली जात तो उन गा बजा कर मांगने वालों की है जिनकी कोई पहचान तो है लेकिन इन मोटी चर्बी वाले भाँड़ो को क्या कहें ! उद्योगपतियों के दलाल बने बैठे है सत्ता के गलियारों में ! देश के करोडो लोगो को अनाज क्या भले ही पीने के लिए गन्दा भी पानी न मिले पर इन सत्ता के दलालों को संसद में मिनरल वाटर के बिना गुजारा करना नहीं आता ! एक बार एक ज्योतिष मित्र ने कहा की कलयुग में राहू की सत्ता होगी अब लगता है उनका इशारा कहाँ था और बिलकुल सही था !
और आज के सबसे बड़े नौटंकी करने वाले अगर हैं तो वो हैं हमारे खबरिया चेनल ! किस खबर को किसके पक्ष मैं दिखाना है ये कलाकारी कोई इनसे पूछे ! किसी एक खबर को आप अलग अलग चेनल पर देखिये ! सभी चेनल तुरंत फैसला सुनाने को आतुर हैं की कौन गलत है और कौन सही ! टीवी पर खबर चल रही है सुरक्षा बल के 70 जवानों को नक्सलियों ने मार दिया पर खबर से ज्यादा इन चेनलों को ब्रेक मे विज्ञापन दिखाने की मजबूरी है ! खबरों के नाम पर किस तरह के स्टिंग होते है उसका नज़ारा सब कई बार देख चुके हैं ! आखिर करें भी क्या जब सब देश को लूटने में लगे हैं तो तो इनका भी हक बनता है न की देश के इस धर्म जिसका नाम भ्रष्टाचार है उसका अनुसरण करें !
शायद मेरे इस लेख को पढ़ कर आप सोच रहे होंगे की इस ज्योतिष की बात करने वाले को क्या हुआ ? कहीं समीर चतुर्वेदी पागल तो नहीं हो गया जो ज्योतिष से हटकर बेकार की बातों मे अपनी रूचि दिखा रहा है ! और एक विषय नहीं सब बातों को एक धागे मे डालने की कोशिश कर रहा है पर क्या करूँ बहुत कोशिश करता हूँ शांत रहूँ पर जब दिल का ज्वालामुखी फटने को होता है तो दिल के हर छेद से लावा फूट फूटकर निकलता है ! जानता हूँ की कोई अकेला कुछ नहीं कर सकता पर किसी की कही ये पंक्तियाँ याद आ जाती हैं """ कौन कहता है आसमान से सितारे नहीं टूटा करते ...एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों .!
Sunday, November 21, 2010
डॉ आर्यन बाली
नमस्कार मित्रों ! मुझे अभी तक काफी लोगो के और ब्लॉग पढने वाले मित्रों के काफी ईमेल प्राप्त हुए की आप ब्लॉग को काफी दिन बाद अपडेट करते है इसकी वजह यही है की कुछ तो व्यस्तता के कारण और कुछ आजकल मेरा संपर्क डॉ आर्यन बाली से नहीं हो पा रहा है ! दरअसल डॉ आर्यन बाली आज कल अपनी साधना में व्यस्त हैं सो उनसे बात करने का सौभाग्य नहीं हो पा रहा है ! मित्रो आप बार बार ईमेल करके मुझसे उनका संपर्क सूत्र मांगते हैं लेकिन मेरी ये मजबूरी है की मैं आप लोगो को उनका संपर्क नहीं दे सकता पर इतना जरूर कर सकता हूँ की जब भी वो मेरे संपर्क में आयेंगे तो मैं आप का सन्देश या आपके सवाल उन तक जरूर पहुंचा दूंगा ! और ये भी सत्य है की आजकल मैं ही डॉ बाली से संपर्क नहीं कर पा रहा हूँ ! परन्तु ये बात का मुझे भरोसा है की जब भी उनसे संपर्क होगा तब वे सभी प्रश्न जिनका उत्तर आप सब लोग चाहते हैं जरूर मिल जाएगा ! कुछ लोगो ने मुझसे सवाल किया है की आखिर मैं डॉ बाली की बातों को इतना वजन या इतनी महत्ता क्यूँ देता हूँ ! सो मैं आपको बता दूँ की मैं सन 2000 से आज तक कई ज्योतिष और तंत्र के जानकारों को देख मिल और परख चूका हूँ ! परन्तु डॉ बाली जैसे व्यक्ति ने इतनी छोटी उम्र में जो मुकाम और विद्या हासिल की है उसका कोई उत्तर नहीं है !
डॉ बाली द्वारा बताये गए कुछ ज्योतिष और तंत्र के प्रयोग मैंने भी किये और कुछ लोगो को उन्हें करने के लिए भी दिया और उनको उसका अप्रत्याशित लाभ भी हुआ ! मैने निश्चित रूप से अपनी ज्योतिष विद्या को यदि और निखारा है तो उसका श्रेय डॉ बाली को जाता है ! मंत्रो के कीलन और उत्कीलन का जानकार मुझे डॉ बाली से बेहतर कोई नहीं लगा ! मेरे कहने का अर्थ ये नहीं की सिर्फ डॉ बाली ही ये सब जानते हैं लेकिन इन्टरनेट पर आने वाले लोगो में यदि कोई जानकारी वाला व्यक्ति लगा तो सिर्फ कुछ लोग ही लगे जिनमे डॉ बाली का नाम सबसे ऊपर है !
सो आशा करता हूँ की डॉ बाली नाम के ज्ञान भण्डार से कुछ और ज्ञान प्राप्त होगा और जैसे ही मेरी मुलाक़ात उनसे होगी तो वही निस्वार्थ भाव से सभी जानकारी मैं आप तक जरूर पहुंचा दूंगा !
डॉ बाली द्वारा बताये गए कुछ ज्योतिष और तंत्र के प्रयोग मैंने भी किये और कुछ लोगो को उन्हें करने के लिए भी दिया और उनको उसका अप्रत्याशित लाभ भी हुआ ! मैने निश्चित रूप से अपनी ज्योतिष विद्या को यदि और निखारा है तो उसका श्रेय डॉ बाली को जाता है ! मंत्रो के कीलन और उत्कीलन का जानकार मुझे डॉ बाली से बेहतर कोई नहीं लगा ! मेरे कहने का अर्थ ये नहीं की सिर्फ डॉ बाली ही ये सब जानते हैं लेकिन इन्टरनेट पर आने वाले लोगो में यदि कोई जानकारी वाला व्यक्ति लगा तो सिर्फ कुछ लोग ही लगे जिनमे डॉ बाली का नाम सबसे ऊपर है !
सो आशा करता हूँ की डॉ बाली नाम के ज्ञान भण्डार से कुछ और ज्ञान प्राप्त होगा और जैसे ही मेरी मुलाक़ात उनसे होगी तो वही निस्वार्थ भाव से सभी जानकारी मैं आप तक जरूर पहुंचा दूंगा !
Saturday, November 13, 2010
धन प्राप्ति के लिए गणेश पूजन
प्रिय मित्रों नमस्कार एक बार फिर से क्षमा मांगता हुआ की मैं ब्लॉग को देर से अपडेट कर रहा हूँ ! पिछले दिनों कई लोगो ने सवाल किया था की जो गणेश पूजा का विधान जोकि मैने शीर्षक धन तथा सम्रद्धि बढ़ाने हेतु एक अभूतपूर्व सात्विक प्रयोग के नाम से अक्टूबर के अपने ब्लॉग पर प्रकाशित किया था क्या वो सिर्फ दीवाली की रात ही करने के लिए था या किसी अन्य दिन भी किया जा सकता है ! और इस पूजा की प्रमाणिकता क्या है ! सो मैं आपको बता दूँ की यह पूजा गणेश उप-पुराण के सन्दर्भ से है ! और ये पूजा सिर्फ दीवाली के लिए नहीं है ! हाँ दीवाली पर इसका महत्व जरूर है ! आप इस पूजा को सवारथ सिद्धि योग या त्रि-पुष्कर योग में भी कर सकते हैं ये आपको समान फलदायी होगी ! पूजा का विधान भी वही होगा ! कई लोगों ने ये सवाल भी किया की क्या ये पूजा रोज की जायेगी और इसका फल कितने दिन में प्राप्त होगा !
दोस्तों जब आप पूजा एक बार कर के गणेश जी की नीम की लकड़ी की मूर्ति को स्थापित कर लेंगे तो फिर जिस प्रकार आप रोज सामान्य पूजा करते हैं बस उसी प्रकार आपने ये पूजा भी करनी है ! जहां तक फल प्राप्ति की बात है तो आज तक जिसको भी मैंने इस विधान से पूजा करने को कहा है उसको निश्चित लाभ ही हुआ है ! और मेरा मकसद आप लोगो तक वो सब विधियां और जानकारी देने का है जिसके द्वारा आपको ज्यादा पचड़ों में न पड़कर सामान्य रूप से करके लाभ ले सकें ! सो इस बार जो लोग पूजा न कर पाएं हों तो नवम्बर और दिसम्बर के महीने में ये योग दुबारा हैं आप तब कर सकते हैं ! हाँ पर ध्यान रखें पूजन से पहले गणेश जी की प्रतिमा को पहले गंगाजल से स्नान कराएं और उसके बाद शुद्ध घी से भी स्नान कराएं !
कई लोगो ने काल सर्प योग के निवारण के बारे में भी जानकारी मांगी थी ! तो मैं अपने अगले ब्लॉग में काल सर्प योग के लिए पूजा का विवरण दूंगा जो की मात्र सौ या दो सौ रूपये में हो जायेगी ! एक बार फिर आप सभी को प्रणाम करता हुआ अपनी बात को यहीं विश्राम देता हूँ अगले लेख में आपसे फिर मुलाकात होगी !
दोस्तों जब आप पूजा एक बार कर के गणेश जी की नीम की लकड़ी की मूर्ति को स्थापित कर लेंगे तो फिर जिस प्रकार आप रोज सामान्य पूजा करते हैं बस उसी प्रकार आपने ये पूजा भी करनी है ! जहां तक फल प्राप्ति की बात है तो आज तक जिसको भी मैंने इस विधान से पूजा करने को कहा है उसको निश्चित लाभ ही हुआ है ! और मेरा मकसद आप लोगो तक वो सब विधियां और जानकारी देने का है जिसके द्वारा आपको ज्यादा पचड़ों में न पड़कर सामान्य रूप से करके लाभ ले सकें ! सो इस बार जो लोग पूजा न कर पाएं हों तो नवम्बर और दिसम्बर के महीने में ये योग दुबारा हैं आप तब कर सकते हैं ! हाँ पर ध्यान रखें पूजन से पहले गणेश जी की प्रतिमा को पहले गंगाजल से स्नान कराएं और उसके बाद शुद्ध घी से भी स्नान कराएं !
कई लोगो ने काल सर्प योग के निवारण के बारे में भी जानकारी मांगी थी ! तो मैं अपने अगले ब्लॉग में काल सर्प योग के लिए पूजा का विवरण दूंगा जो की मात्र सौ या दो सौ रूपये में हो जायेगी ! एक बार फिर आप सभी को प्रणाम करता हुआ अपनी बात को यहीं विश्राम देता हूँ अगले लेख में आपसे फिर मुलाकात होगी !
Monday, November 1, 2010
राहू और सिर्फ राहू
प्रिय मित्रों आज हम यहाँ चर्चा करेंगे राहू के बारे में ! आज राहू के बारे में कुछ तथाकथित बाबा और ज्योतिषियों ने भ्रामक बाते फैला रखी हैं ! इनमे से कुछ तो ऐसे हैं जिनका दावा है की उनपर राहू की विशेष कृपा है ! पर जब इन लोगो से मैने खुद बात की तो पता चला की ये सिर्फ राहू के बारे मैं अधकचरी जानकारी रखते हैं और राहू के बारे सैद्धांतिक रूप से भी नहीं जानते ! राहू के प्रति भक्ति भाव रखना तो दूर इन्हें सिर्फ और सिर्फ अपनी कमाई से मतलब है ! इनमे से कई लोगों से मैने खुद बात की और जब उनसे राहू के तथ्यों के बारे में बात की तो कोई नाराज हुआ और किसी ने मुझे मूर्ख की संज्ञा दी ! मैने कई वेब साईट भी चेक की जिनमे इन तथाकथित लोगो ने राहू के बारे में ऐसी ऐसी बातें लिख रखी हैं जिनसे राहू का दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है ! इनमे से कई लोगो ने मेरे ब्लॉग पर ऐसी भाषा में प्रतिक्रिया दी है जिसे मैं सार्वजनिक नहीं करसकता और न ही कोई सभ्रांत व्यक्ति इस भाषा का इस्तेमाल कर सकता है ! इनकी इस भाषा से ही इनके ज्ञान और संस्कार पता चलते हैं !
कुछ लोगो ने राहू का रिश्ता तो सांप से तो जोड़ दिया परन्तु आज तक ये नहीं बता पाए की राहू का सर्प से रिश्ता क्या है ! है ! पुराणो के अनुसार कुल आठ महासर्प हैं जिनके नाम हैं --- १ वासुकी २ अनंत ३ शंक्पाल ४ कारकोटक ५ पद्मा ६ महापद्मा ७ दक्ष ८ गुलिकी ! और ये सब कादरु माँ के पुत्र हैं ..माँ कादरु महर्षि कश्यप की पत्नी हैं और राहू की नानी हैं तथा ये आठ महानाग राहू के मामा हैं परन्तु इनका राहू के उपाय से कोई लेना देना नहीं है ! परन्तु राहू को सांप से जोड़ने वाले इस बात पर चर्चा ही नहीं करना चाहते ! सांप का अर्थ है विष और विष शनि के आधीन आता है संसार में १८ विष हैं जिनमे 10 विष वनस्पति के और आठ विष धातु से हैं !
आज कालसर्प दोष के नाम पर अनजान तथा सामान्य व्यक्ति को ऐसा डर दिखाया जाता है की यदि गलती से उसकी कुंडली मैं यदि कालसर्प हो तो समझो की वो तो बर्बाद ही हो गया ! वास्तव में ये काल सर्प दोष कब से चला ? असल में कालसर्प दोष के जनक राजस्थान के ज्योतिषी रहे जिन्होंने राहू को सर्प का सर और केतु को उसकी पूंछ मानकर इसे नाम दिया कालसर्प दोष का ! इसकी परिभाषा दी गयी की यदि राहू और केतु के मध्य सभी गृह आ गए तो समझो बन गया काल सर्प दोष ! पहली बात ये है की ये दोष नहीं योग है ! और अगर काल सर्प योग है भी तो इन बाबा लोगों को ये नहीं पता की किस स्तिथि में इसका क्या निदान है ! और उसकी जरूरत भी क्या है इन्हें मतलब है बस अपनी कमाई से !
आज कुछ राहू के तथाकथित परम भक्तो का ये भी कहना है की राहू इच्छाओं का कारक है ! वे राहू को सेक्स शराब मांस तथा व्यसनों से जोडके देखते हैं ! इनलोगों का कहना है की राहू को अंडा प्रिय है! भाई लोगों राहू को छाया गृह होते हुए भी प्रधान गृह का दर्जा प्राप्त है औरअगर राहू को शराब और अंडा ही चाहिए तो जब नवग्रह की पूजा होती है तो राहू के लिए उस पूजा में अंडे और शराब व् मांस का भोग क्यों नहीं लगाया जाता ! बस जब मैने इन लोगो से इसी विषय में सवाल किया तो ये लोग भड़क गए ! सबसे पहले इन लोगो की नाराजगी ही इस बात को लेकर थी की जिस कालसर्प योग जैसे विषय पर ये लोग अच्छा खासा पैसा लेते हैं उसे मैं लोगो को मुफ्त उपाय बता कर क्यों प्रचारित कर रहा हूँ ! आज इन सभी राहू के भक्तों से ये प्रश्न है की आप बैंकोक के मंदिर के हिसाब से पूजा करेंगे या भारतीय वेद या प्राचीन ऋषियों के पद्दति के अनुसार ! आप थाई पुजारियों की तरह क्या राहू को केक का भोग लगायेंगे !
खैर इस लेख को देने का मेरा मतलब ये नहीं है की मेरी लडाई सभी ज्योतिषियों और तांत्रिकों से है मेरी लडाई केवेल उन लोगो से है जो आधा अधुरा ज्ञान लेकर लोगो को मूर्ख बनाने का धंधा खोल के बैठे है! सीधा सा सवाल है जब काल सर्प का निदान सौ से दो सौ रूपये में हो सकता है तो फिर हज़ारों का खर्चा क्यों ! सो मेरा ये युद्ध इन तथाकथित परम भक्तो से चलता हे रहेगा !
कुछ लोगो ने राहू का रिश्ता तो सांप से तो जोड़ दिया परन्तु आज तक ये नहीं बता पाए की राहू का सर्प से रिश्ता क्या है ! है ! पुराणो के अनुसार कुल आठ महासर्प हैं जिनके नाम हैं --- १ वासुकी २ अनंत ३ शंक्पाल ४ कारकोटक ५ पद्मा ६ महापद्मा ७ दक्ष ८ गुलिकी ! और ये सब कादरु माँ के पुत्र हैं ..माँ कादरु महर्षि कश्यप की पत्नी हैं और राहू की नानी हैं तथा ये आठ महानाग राहू के मामा हैं परन्तु इनका राहू के उपाय से कोई लेना देना नहीं है ! परन्तु राहू को सांप से जोड़ने वाले इस बात पर चर्चा ही नहीं करना चाहते ! सांप का अर्थ है विष और विष शनि के आधीन आता है संसार में १८ विष हैं जिनमे 10 विष वनस्पति के और आठ विष धातु से हैं !
आज कालसर्प दोष के नाम पर अनजान तथा सामान्य व्यक्ति को ऐसा डर दिखाया जाता है की यदि गलती से उसकी कुंडली मैं यदि कालसर्प हो तो समझो की वो तो बर्बाद ही हो गया ! वास्तव में ये काल सर्प दोष कब से चला ? असल में कालसर्प दोष के जनक राजस्थान के ज्योतिषी रहे जिन्होंने राहू को सर्प का सर और केतु को उसकी पूंछ मानकर इसे नाम दिया कालसर्प दोष का ! इसकी परिभाषा दी गयी की यदि राहू और केतु के मध्य सभी गृह आ गए तो समझो बन गया काल सर्प दोष ! पहली बात ये है की ये दोष नहीं योग है ! और अगर काल सर्प योग है भी तो इन बाबा लोगों को ये नहीं पता की किस स्तिथि में इसका क्या निदान है ! और उसकी जरूरत भी क्या है इन्हें मतलब है बस अपनी कमाई से !
आज कुछ राहू के तथाकथित परम भक्तो का ये भी कहना है की राहू इच्छाओं का कारक है ! वे राहू को सेक्स शराब मांस तथा व्यसनों से जोडके देखते हैं ! इनलोगों का कहना है की राहू को अंडा प्रिय है! भाई लोगों राहू को छाया गृह होते हुए भी प्रधान गृह का दर्जा प्राप्त है औरअगर राहू को शराब और अंडा ही चाहिए तो जब नवग्रह की पूजा होती है तो राहू के लिए उस पूजा में अंडे और शराब व् मांस का भोग क्यों नहीं लगाया जाता ! बस जब मैने इन लोगो से इसी विषय में सवाल किया तो ये लोग भड़क गए ! सबसे पहले इन लोगो की नाराजगी ही इस बात को लेकर थी की जिस कालसर्प योग जैसे विषय पर ये लोग अच्छा खासा पैसा लेते हैं उसे मैं लोगो को मुफ्त उपाय बता कर क्यों प्रचारित कर रहा हूँ ! आज इन सभी राहू के भक्तों से ये प्रश्न है की आप बैंकोक के मंदिर के हिसाब से पूजा करेंगे या भारतीय वेद या प्राचीन ऋषियों के पद्दति के अनुसार ! आप थाई पुजारियों की तरह क्या राहू को केक का भोग लगायेंगे !
खैर इस लेख को देने का मेरा मतलब ये नहीं है की मेरी लडाई सभी ज्योतिषियों और तांत्रिकों से है मेरी लडाई केवेल उन लोगो से है जो आधा अधुरा ज्ञान लेकर लोगो को मूर्ख बनाने का धंधा खोल के बैठे है! सीधा सा सवाल है जब काल सर्प का निदान सौ से दो सौ रूपये में हो सकता है तो फिर हज़ारों का खर्चा क्यों ! सो मेरा ये युद्ध इन तथाकथित परम भक्तो से चलता हे रहेगा !
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